परियोजना का काम पूरा होने के बाद रफ्तार पर ब्रेक लगाने वाले और जाम की वजह बनने वाले तमाम मोड़ खत्म हो जाएंगे, जिससे देहरादून से दिल्ली की दूरी ढाई घंटे रह जाएगी।
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कोमल नेगी
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Image: Dehradun Delhi Expressway Elevated Road
देहरादून: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तराखंड के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद देहरादून से दिल्ली तक का सफर आसान हो जाएगा।
Dehradun Delhi Expressway Elevated Road
दून से दिल्ली पहुंचने में सिर्फ ढाई से तीन घंटे लगेंगे। एशिया का सबसे बड़ा वाइल्ड लाइफ कॉरिडोर भी इसी परियोजना में बनेगा। परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। एलिवेटेड रोड के 230 पिलर तैयार हो गए हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी दिन-रात काम में जुटे हैं। बुधवार को हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक ने धर्मपुर विधायक विनोद चमोली के साथ एलिवेटेड रोड की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने काम की तेज गति पर संतोष जाहिर किया, साथ ही अधिकारियों को कुछ दिशा-निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि शहर के विस्तार के साथ यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है। इसे देखते हुए देहरादून की तरफ आईएसबीटी के पास से एक्सप्रेसवे परियोजना को सीधे फ्लाईओवर से जोड़ा जाना चाहिए।
उन्होंने चंद्रबनी से आशारोड़ी तक फुटपाथ तैयार करने के निर्देश भी दिए। इस मौके पर परियोजना निदेशक पंकज मौर्य ने बताया कि 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड के लिए कुल 550 पिलर बनाए जाने हैं। इनमें से 230 पिलर खड़े कर दिए गए हैं और करीब 300 पिलर के लिए फाउंडेशन संबंधी काम पूरा कर लिया गया है। 340 मीटर की डाटकाली टनल का काम भी अक्टूबर 2023 की जगह मार्च 2023 में पूरा कर दिया जाएगा। एलिवेटेड रोड के नीचे का भाग वन्यजीवों की आवाजाही के लिए खुला रहेगा। परियोजना का काम पूरा होने के बाद रफ्तार पर ब्रेक लगाने वाले और जाम की वजह बनने वाले तमाम मोड़ खत्म हो जाएंगे, जिससे देहरादून से दिल्ली की दूरी ढाई घंटे रह जाएगी। बता दें कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना 210 किलोमीटर लंबी है, जिसका बजट करीब 12 हजार करोड़ रुपये है। इसके तहत 12 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड बनाई जाएगी। एक्सप्रेसवे इस तरह से बनाया जाएगा कि इस पर वाहन सौ किमी प्रतिघंटा की रफ्तार भर सकें। रोड का निर्माण अक्टूबर 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।