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ऋषिकेश: उत्तराखंड में सड़कों पर घूम रहे आवारा पशु लोगों के लिए आफत का सबब बने हुए हैं। इनकी वजह से सड़क हादसे होते हैं, सड़कों पर हर वक्त जाम लगा रहता है।
कई बार तो इनकी वजह से लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ती है। ऋषिकेश में यही हुआ है। यहां सांडों की लड़ाई में दस साल के मासूम की मौत हो गई। घटना के वक्त बच्चा अपनी मां के साथ स्कूटी से स्कूल जा रहा था। अचानक हुए इस हादसे के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। माता-पिता गहरे सदमे में है। बेटे की मौत से आहत मां घटना के लिए खुद को कोस रही है। हादसा श्यामपुर क्षेत्र में हुआ। शुक्रवार को यहां बापूग्राम के बीस बीघा की गली नंबर 2 में रहने वाली अपर्णा तिवारी अपने 10 साल के बेटे आराध्य तिवारी को स्कूटी से स्कूल छोड़ने जा रही थी।
श्यामपुर चौकी से पहले जेजे ग्लास फैक्ट्री के पास दो लावारिस सांड आपस में लड़ाई कर रहे थे। सांडों की लड़ाई के दौरान स्कूटी को टक्कर लगी, जिसके बाद अपर्णा और उनका बेटा सड़क पर गिर गए। बच्चे के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। उसे 108 इमरजेंसी एंबुलेंस से एसपीएस राजकीय अस्पताल लाया गया, वहां से बच्चे को एम्स रेफर कर दिया गया। एम्स में इलाज के दौरान रात को बच्चे की मौत हो गई। लाडले की मौत की सूचना मिलते ही पीड़ित परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने बच्चे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। प्रशासन की अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने बिना पोस्टमार्टम कराए बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार और क्षेत्र में मातम पसरा है। लोगों ने प्रशासन पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि नगर में आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप ले चुकी है, लेकिन प्रशासन इस तरफ ध्यान नहीं दे रहा।