उत्तराखंड की शांत वादियों से कहां गायब हो गए 7741 लोग? हैरान कर रहे हैं 13 जिलों के ये आंकड़ें

ये आंकड़ा जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क का है. आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड में 7,741 लोग मिसिंग चल रहे हैं.
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Uttarakhand 7741 people missing : 7741 people missing from Uttarakhand latest report
Image: 7741 people missing from Uttarakhand latest report

देहरादून: 7,741 लोगों को ढूंढने की चुनौती..जी हां ये उत्तराखंड में लापता लोगों की अनसुलझी गुत्थी है। 9 नवंबर साल 2000..ये वो दिन था जब उत्तराखंड राज्या का गठन हुआ।

7741 people missing from Uttarakhand

इस दिन से लेकर अब तक उत्तराखंड में 7,741 लोग मिसिंग हैं. अपराधों के लिहाज से देखें तो उत्तराखंड को बेहद शांत प्रदेश की श्रेणी में रखा जाता है, लेकिन ये आंकड़े अलग गवाही दे रहे हैं। चाहे बच्चे हों, चाहे पुरुष या फिर महिलाएं हर कोई लापता है। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक ये आंकड़ा जोनल इंटीग्रेटेड पुलिस नेटवर्क का है. आंकड़ों के मुताबिक उत्तराखंड में 7,741 लोग मिसिंग चल रहे हैं. कई राज्यों का आंकड़ा उत्तराखंड से ऊपर है लेकिन भौगोलिक परिस्थितियों और जनसंख्या के हिसाब से देखें तो राज्य में मिसिंग लोगों की संख्या चौंकाने वाली है. अब जरा ये भी जान लीजिए कि किस जिले से कितने लोग मिसिंग हैं। आगे पढ़िए

उत्तराखंड में सबसे ज्यादा 2495 लापता लोग हरिद्वार जिले से हैं
देहरादून में 2264 लोग लापता हैं
अल्मोड़ा में 54, बागेश्वर में 69 लोग लापता हैं
उत्तरकाशी में 80, चंपावत में 43 लोग लापता हैं
नैनीताल में 378, उधम सिंह नगर में 1247 लोग लापता हैं
पिथौरागढ़ में 221, रुद्रप्रयाग में 125 लोग लापता हैं
टिहरी में 108, पौड़ी में 174, चमोली में 489 लोग लापता हैं.
बड़ी संख्या में उत्तराखंड से लोगों का लापता होना बड़ी चुनौती है. इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि इसका सीधा कनेक्शन देह व्यापार, भिक्षावृत्ति, मानव तस्करी से जुड़ा हुआ हो. जानकार भी कहते हैं कि जब तक लापता लोगों की खोज नहीं हो जाती इसमें मानव तस्करी की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता.