(Rispanna Bindal Elevated Road Project Dehradun) रिस्पना- बिंदाल नदी के ऊपर करीब 26 किमी एलिवेटेड रोड के फिजिबिलिटी सर्वे का काम आखिरी चरण में है।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination
Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.
Example Ads Media
Image: Rispanna Bindal Elevated Road Project Dehradun
देहरादून: देहरादून में ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात पाने के लिए एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य का प्लान ऑलमोस्ट फ़ाइनल हो गया है।
Rispanna Bindal Elevated Road Project Dehradun
रिस्पना- बिंदाल नदी के ऊपर करीब 26 किमी एलिवेटेड सड़क बनाने के लिए फिजिबिलिटी सर्वे का काम अब अपने आखिरी चरण में है। शहर के चारों ओर रिंग रोड के एलाइनमेंट का काम भी अब पूरा हो गया है। रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना पर लगभग पांच हजार करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। 31 दिसंबर तक इसका फाइनल डिजाइन तैयार हो जाएगा। राजधानी देहरादून में इस समय दो बड़े प्रोजेक्ट पर बेहद बड़े स्तर पर काम चालू है। इनमें रिस्पना और बिंदाल एलिवेटेड रोड परियोजना शामिल है जिस पर पांच हजार करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। 31 दिसंबर तक इसका फाइनल डिजाइन तैयार हो जाएगा। लोनिवि प्रांतीय खंड की देखरेख में यह काम हो रहा है। दूसरी योजना शहर के चारों तरफ रिंग रोड बनाने से जुड़ी है, जिस पर एनएचएआई काम कर रही है। इसके तहत आशारोड़ी से झाझरा तक पहले चरण में भूमि अधि का काम शुरू हो गया है। इस क्षेत्र में फोरलेन सड़क बननी है। इसके लिए 350 करोड़ रुपये आवंटित हो चुके हैं। पूरी योजना पर पांच हजार करोड़ रुपये खर्च होने हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिरकार देहरादून में लिमिटेड सड़क और रिंग रोड बनाने के फायदे क्या है तो आपको बता दें कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पूरे उत्तराखंड की सबसे अधिक व्यस्त रहने वाली जगह है। इसका कारण यह है कि उत्तराखंड के सभी प्रमुख स्थलों पर जाने वाले लोगों को देहरादून से गुजरकर जाना ही पड़ता है जिस वजह से सड़कों पर आए दिन जाम की समस्या लगी रहती है।
Dehradun Elevated Road Project
ऐसे में एलिवेटेड सड़क और रिंग रोड के कई फायदे होंगे। राजधानी बनने के बाद शहर की आबादी बढ़ती जा रही है जिस वजह से सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है और जाम की समस्या चुनौती बन गई है। इन दो योजनाओं में से यदि एक भी योजना धरातल पर उतरी तो जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। रिंग रोड आशारोड़ी से शुरू होगी और झाझरा जाएगी। यहां से शहर के चारों ओर घूमकर आशारोड़ी में मिलेगी । झाझरा तक भूमि अधिग्रहण शुरू है। बाकी क्षेत्र को एनएचएआई ने 3 विकल्प देकर समरेखण किया है। पहली सड़क 40, दूसरी 55 और तीसरी 70 किमी की होगी। जिसको मंजूरी मिलेगी, उसी पर काम शुरू होगा। रिस्पना नदी पर रिस्पना पुल के पास एलिवेटेड सड़क शुरू होगी राजीवनगर चौक, चूनाभट्टा, आईटी पार्क होते हुए नागलसेतू तक जाएगी। वहीं बिंदाल नदी पर आईएसबीटी के पास से एलिवेटेड रोड शुरू होगी। यहां से लालपुल चौक, कांवली पुल, बिंदाल तिराहे से मैक्स अस्पताल तक पहुंचेगी। कुल मिलाकर यह दो बड़े प्रोजेक्ट देहरादून के इंफ्रास्ट्रक्चर में एक बड़ी भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे और अगर भविष्य में सब कुछ ठीक रहा तो यह दो बड़े प्रोजेक्ट धरातल पर उतरेंगे जिससे देहरादून शहर को जाम से राहत मिलेगी।