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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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ऋषिकेश: यह खबर आपके भी चेहरे पर बड़ी सी स्माइल ले आएगी और आपको भी यह यकीन दिला देगी कि प्यार कभी भी दूरियां नहीं देखता।
यह खबर एक अनोखी शादी की है। जहां एक ओर भारतीय बाहर के देशों में जा जा कर डेस्टिनेशन वेडिंग कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर हमारी संस्कृति और रीति रिवाजों से प्रभावित होकर बाहर के लोग भारत आकर भारतीय परंपरा के साथ शादी कर रहे हैं। कनाडा का एक डॉक्टर अपनी प्रेमिका से शादी करने के लिए सात समंदर पार ऋषिकेश तक चला आया। उन्होंने यहां गंगा किनारे भारतीय रीति-रिवाजों के साथ अग्नि को साक्षी मानकर अपनी प्रेमिका के साथ सात फेरे लिए। कनाडा के रहने वाले डॉक्टर ने कहा कि उन्हें भारतीय संस्कृति से गहरा लगाव है। यही कारण है कि उन्होंने गंगा किनारे शादी करने का फैसला किया।
दरअसल हरिद्वार की प्राची कनाडा की एक कार्पोरेट कंपनी में काम करती हैं। हरिद्वार की रहने वाली प्राची की कनाडा के डॉक्टर चार्ली के साथ लम्बे समय से दोस्ती थी। उन दोनों दोस्ती प्यार में बदली और दोनों ने शादी करने का फैसला किया। चार्ली को भारतीय परंपराओं से लगाव था, तो दोनों ने फैसला किया कि सात समंदर पार गंगा के तट पर हिंदू रीति-रिवाज से शादी करेंगे। इसके बाद दोनों देवभूमि उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित तपोवन क्षेत्र में पारिवारिक सदस्यों के साथ नीमबीच गंगा तट पर पहुंचे। उन्होंने यहां भारतीय रीति से शादी की और गंगा तट पर भारतीय परिधानों को पहनकर अग्नि को साक्षी मानते हुए एक दूसरे के साथ सात जन्म के फेरे लिए।