ऋषभ की गाड़ी ने डिवाइडर से टकराते ही पकड़ ली थी आग, हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर और कंडक्टर ने बचाई ऋषभ की जान
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कोमल नेगी
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Image: Haryana Roadways Driver Saved Rishabh Pant Life
देहरादून: ऋषभ पंत के साथ हुए कल के दर्दनाक हादसा ने सभी को सदमा दे दिया। अभी वे खतरे से बाहर हैं। कल जरूर ईश्वर उनके साथ थे और ईश्वर ने अपनी जगह उन दो लोगों को भेजा जिनकी वजह से आज ऋषभ पंत स्थिर हालत में हैं।
Haryana Roadways Driver Saved Rishabh Pant Life
अगर समय रहते यह दोनों लोग उनको अस्पताल नहीं ले जाते तो क्या पता कि ऋषभ की जान खतरे में होती। अगर क्रिकेटर ऋषभ पंत के साथ हुए हादसे में हरियाण रोड़वेज के ड्राइवर और कंडक्टर देवदूत बनकर नहीं आते तो कुछ भी हो सकता था। हरियाणा रोडवेज बस के ड्राइवर सुशील कुमार और कंडक्टर परमजीत ने भी बिना समय गंवाए पंत को कार से बाहर निकाला और उनकी जान बचाई। दोनों बाकी लोगों की तरह तमाशबीन बनकर खड़े नहीं रहे। उन्होंने ऋषभ को सही समय पर अस्पताल पहुंचाते हुए मानवता की मिसाल की है। इसके लिए दोनों की जमकर तारीफ हो रही है। हरियाणा रोड़वेज ने दोनों को सम्मानित किया है। अब उत्तराखंड पुलिस भी उन्हें सम्मानित करेगी। दरअसल हरियाणा रोडवेज बस चालक सुशील कुमार और कंडक्टर परमजीत ने गुरुकुल नारसन के पास डिवाइडर पर ऋषभ की अनियंत्रित कार की टक्कर देखी। इसके बाद वे भागकर वहाँ पहुँचे और उसमें फँसे हुए ऋषभ की बाहर निकलने में मदद की।उसके बाद उन्होंने एंबुलेंस को बुलाकर उन्हें अस्पताल भेजा। इस मानवीय कार्य के लिए उन्हें सम्मानित किया गया है। आगे पढ़िए
उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा कि ऋषभ पंत की मदद करने वाले लोगों को सरकार सम्मानित करेगी। उन्होंने कहा कि इन लोगों को भारत सरकार की गुड सेमेरिटन योजना के तहत पुरस्कृत किया जाएगा। कंडक्टर परमजीत ने कहा कि ऋषभ को समय रहते गाड़ी से निकाल दिया गया। जैसे ही उन दोनों ने ऋषभ पंत को कार से बाहर खींचा, 5-7 सेकंड में कार में आग लग गई और वह कुछ ही देर में जलकर खाक हो गई। उन्होंने कहा, “उनकी पीठ में गंभीर चोट लगी थी। हमने जब उनके बारे में पूछा, तब उन्होंने कहा कि वे भारतीय टीम के क्रिकेटर ऋषभ पंत हैं।” बस के चालक सुशील कुमार ने बताया कि घटना के वक्त कुछ लोग वीडियो बनाने में लगे हुए थे और कोई सड़क पर गिरे पैसे उठा रहा था। कुछ बस वहाँ से गुजरी, लेकिन कोई नहीं रूका। उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो बनाने वाले लोगों से भी ऐसा ना करने के लिए कहा। सुशील कुमार ने बताया कि दुर्घटना के बाद ऋषभ पंत के पैसे सड़क पर ही बिखरे पड़े थे। उन्होंने ऋषभ की माँ से भी बात कराने की कोशिश की, लेकिन उनका मोबाइल स्वीच ऑफ मिला। उन्होंने तुरंत ही एम्बुलेंस को फोन कर उनको अस्पताल पहुंचाया। वहीं सुशील कुमार और परमजीत के सराहनीय कार्य की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ हो रही है।