उत्तराखंड: ठंड से बचने के लिए 3 भाइयों ने जलाई थी अंगीठी, सुबह कमरे से निकली 1 भाई की लाश

विकास और उसके भाईयों ने ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई थी। बाद में वो अंगीठी को कमरे में ले गए और वहीं सो गए। सुबह तीनों लड़कों में से एक की मौत हो चुकी थी।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Image: brother died due to fire in Ranikhet

अल्मोड़ा: रानीखेत का समीपवर्ती गांव पंतकोटली...यहां 31 दिसंबर की रात हुई न्यू इयर पार्टी एक किशोर के लिए उसकी जिंदगी की आखिरी पार्टी बन गई।

Brother died due to fire in Ranikhet

दरअसल किशोर और उसके भाइयों ने सेलिब्रेशन के दौरान ठंड से बचने के लिए अंगीठी जलाई थी। बाद में वो अंगीठी को कमरे में ले गए और वहीं सो गए। सुबह तीनों लड़कों में से एक की मौत हो चुकी थी। अंगीठी की जहरीली गैस के चलते उसकी सांसें थम गई थीं। मृतक के दो चचेरे भाई गंभीर रूप से घायल हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मृतक की पहचान विकास कुमार पुत्र लीला राम के रूप में हुई। विकास 12वीं में पढ़ता था। 31 दिसंबर की रात जगह-जगह न्यू ईयर सेलिबेशन चल रहा था। विकास और उसके चचेरे भाईयों ने भी पार्टी प्लान की। विकास और उसके चचेरे भाईयों ने घर के आंगन में अंगीठी जलाई और रातभर वहां जश्न मनाते रहे। आगे पढ़िए

रात गहराई तो वो अंगीठी कमरे में ले गए और जलती अंगीठी के सामने ही सो गए। रविवार सुबह 9.30 बजे तक उनका कमरा बंद ही रहा। परिवार वालों ने आवाज दी, लेकिन किसी ने कमरा नहीं खोला। घबराए हुए परिजन दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुए, तो भीतर का नजारा देखकर उनकी रूह कांप गई। वहां तीनों भाई बेसुध पड़े थे। परिजन तीनों को अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अचानक हुई इस घटना से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा है। बता दें कि पिछले साल 19 दिसंबर को भी ताकुला ब्लॉक के कोटत्यूड़ा गांव में अंगीठी की जहरीली गैस के चलते एक शख्स की मौत हो गई थी।