उत्तराखंड के लिए दुखद खबर: लेह लद्दाख में तैनात जवान की मौत, परिवार में कोहराम

आईटीबीपी के जवान नरेंद्र सिंह बसनायत का लेह लद्दाख में अचानक निधन हो गया। निधन की वजह हृदयगति रुकना बताई जा रही है।
Advertisement ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं

प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

Example Ads Media
narendra singh basnayat: Uttarakhand ITBP Jawan Narendra Singh Basnayat Death Leh Ladakh
Image: Uttarakhand ITBP Jawan Narendra Singh Basnayat Death Leh Ladakh

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के एक और जांबाज ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। पिथौरागढ़ निवासी आईटीबीपी के जवान नरेंद्र सिंह बसनायत का लेह लद्दाख में अचानक निधन हो गया।

Uttarakhand ITBP Jawan Narendra Singh Basnayat Death

निधन की वजह हृदयगति रुकना बताई जा रही है। उनके पार्थिव शरीर को गांव लाया जा रहा है, जहां उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। नरेंद्र सिंह बसनायत श्रीनगर में आईटीबीपी की 21वीं बटालियन में कार्यरत थे। वो मूलरूप से चौड़मन्या क्षेत्र के रहने वाले थे। उनका पार्थिव शरीर गुरुवार को उनके पैतृक गांव लाया जाएगा। जवान के निधन की सूचना से गांव में शोक की लहर है। परिजनों ने बताया कि नरेंद्र सिंह आईटीबीपी में इंस्पेक्टर के तौर पर सेवारत थे। आगे पढ़िए

इन दिनों उनकी ड्यूटी लेह लद्दाख में थी। बीते दिनों एकाएक उनके सीने में दर्द हुआ। इसके बाद आईटीबीपी के साथी कर्मी उनको अस्पताल ले गए, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। आईटीबीपी के अधिकारियों ने उनके निधन की सूचना परिजनों को दी। जिसके बाद उनके परिवार में कोहराम मच गया। नरेंद्र सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को बिलखता छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी और दोनों बच्चे चौड़मन्या में रहते हैं। नरेंद्र के बड़े भाई महेंद्र सिंह भी भारतीय सेना में सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। जवान नरेंद्र सिंह के निधन पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों समेत तमाम लोगों ने शोक व्यक्त किया। पूरे गांव में मातम पसरा है। बता दें कि लेह लद्दाख में इन दिनों तापमान माइनस में चल रहा है। अधिकतम तापमान -7 व न्यूनतम तापमान माइनस 17 तक है। इतनी कड़ाके की ठंड के बावजूद भारतीय सैनिक सीमा पर डटे हुए हैं।