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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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चमोली: हे बदरीनाथ, हे नृसिंह देवता हमारी रक्षा करो...आपदा का दंश झेल रहे जोशीमठवासी कुछ इसी तरह बिलख-बिलख कर ईश्वर से रक्षा की गुहार लगा रहे हैं।
जिन लोगों के घर उनकी आंखों के सामने तबाह हो रहे हैं, वो गहरे सदमे में हैं। कुछ महीनों पहले तक उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि इस तरह आंखों के सामने उनका आशियाना उजड़ जाएगा। कड़ाके की ठंड में उन्हें बेघर होना पड़ेगा। जोशीमठ से सामने आई तस्वीरें हर किसी को भावुक कर रही हैं। आंखों में आंसू लिए और यादें समेटे लोग मजबूरन अपना घर छोड़कर जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि कभी सोचा नहीं था इतनी खूबसूरत नगरी जोशीमठ हमें धोखा दे देगी। पहाड़ में कहीं भी कोई स्थान अब सुरक्षित नहीं बचा। समझ में नहीं आ रहा है कि अब आगे की जिंदगी कैसे गुजरेगी और बच्चों का भविष्य क्या होगा। आगे पढ़िए
लगातार धंस रहे जोशीमठ में अब बारिश से तबाही का खतरा भी मंडरा रहा है। यहां छह सौ से ज्यादा भवन ढहने के कगार पर हैं, ऐसे में बारिश आई तो तबाही मच जाएगी। लोगों पर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एनबीटी की खबर के मुताबिक मौसम विभाग ने कहा है कि आज से जोशीमठ क्षेत्र में बारिश हो सकती है। ऐसे में न जाने ये बारिश लोगों पर कौन सा कहर बरपाएगी। आसमान में मंडरा रहे बादल देखकर लोगों का दिल डर से बैठा जा रहा है। जोशीमठ में 603 भवनों में दरारें आ चुकी हैं। डेंजर जोन में चिन्हित भवनों को सील कर दिया गया है। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने जोशीमठ भू धंसाव क्षेत्रों से उन सभी भवनों को ध्वस्त करने के निर्देश दिए जो असुरक्षित हैं, और जिनमें दरारें आ चुकी हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को अविलंब सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।