Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
देहरादून: स्वास्थ्य के क्षेत्र में ड्रोन तकनीक के इस्तेमाल में उत्तराखंड को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बनाने के लिए देहरादून से उत्तरकाशी तक ड्रोन से दवाएं पहुंचाने का प्रयोग किया गया, जो कि सफल रहा है।
वैक्सीन को दून से उत्तरकाशी पहुंचाने में ड्रोन बड़ा मददगार साबित हुआ। इस शुरुआत से आने वाले दिनों में पहाड़ में ड्रोन से स्वास्थ्य सुविधाएं देने की राह आसान हो जाएगी। जल्द ही दवाएं और वैक्सीन को दुर्गम इलाकों में पहुंचाने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा। ये बात सचिव स्वास्थ्य डॉ. आर राजेश कुमार ने मंगलवार को कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर देहरादून से सीमांत जनपद उत्तरकाशी तक महज 40 मिनट में ही वैक्सीन की खेप को सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया। प्रतिरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत डिप्थीरिया टिटनेस डीपीटी व पेंटा की वैक्सीन की 400 डोज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, उत्तरकाशी पहुंचाई गई।
आमतौर पर सड़क मार्ग से वैक्सीन पहुंचाने में 5 से 6 घंटे का समय लगता है, लेकिन ड्रोन ने महज 40 मिनट में ये काम कर दिया। ड्रोन ने अंधेरे में उड़ान भरी, लेकिन सही समय पर सटीक जगह पहुंच गया। वैक्सीन की डोज के साथ ड्रोन शाम को करीब साढ़े छह बजे देहरादून से उड़ा था और लगभग 7 बजकर 15 मिनट पर उत्तरकाशी, जिला अस्पताल पहुंच गया। आपदा व अन्य समय में ड्रोन तकनीक बेहद कारगर साबित होगी। विभाग और आईटीडीए के सहयोग से दवाइयों को ड्रोन के जरिए एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया जाएगा। इस कवायद के सफलतापूर्वक परीक्षण के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत जल्द ही उत्तराखंड के अन्य दूरस्थ इलाकों में ड्रोन के माध्यम से कोविड-19 वैक्सीन को पहुंचाए जाने के काम का शुभारंभ करेंगे।