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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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चमोली: जोशीमठ के बाद अब कर्णप्रयाग में आपदा की आहट सुनाई दे रही है। यहां बहुगुणा नगर में स्थित कई घरों में दरारें आ गई हैं, जिससे लोग डरे हुए हैं।
ग्रामीणों ने उत्तराखंड सरकार से मदद की गुहार लगाई है। कई परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए हैं और परिजनों के यहां शिफ्ट हो गए हैं। पीड़ितों ने कहा की सरकार को मामले का संज्ञान लेकर एक ठोस एक्शन प्लान बनाना चाहिए। जिले के जिलाधिकारी हिमांशु खुराना ने मकानों में दरारें आने की पुष्टि की है। डीएम ने कहा कि बहुगुणा नगर में घरों में दरारें पड़ने का मामला सामने आया है। आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम इस मामले पर स्टडी करने के बाद रिपोर्ट सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे का एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा। आगे पढ़िए
प्रशासन अलर्ट पर है। सूत्रों का कहना है कि बहुगुणानगर में एक-दो नहीं बल्कि करीब 50 घरों और दुकानों में दरारें आई हैं। डरे हुए लोगों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। बात करें जोशीमठ की तो यहां मंगलवार को 44 मकानों में दरारें आ गई। अब ऐसे भवनों की संख्या 723 तक पहुंच गई है। लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन की टीम ने 50 और परिवारों को राहत कैंप में शिफ्ट किया है। आपदा प्रबंधन विभाग से जारी बुलेटिन के अनुसार दरार वाले भवनों की संख्या 723 हो गई है। संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह खाली कराने के निर्देश के बाद 50 और परिवारों को सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। आपदा के संकट को देखते हुए सेना और आईटीबीपी को अलर्ट पर रखा गया है।