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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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बीती रात यहां उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए। धरती हिलते ही लोग बुरी तरह डर गए और कड़ाके की ठंड के बावजूद घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने तो डरकर पूरी रात घर के बाहर ही बिताई। गुरुवार रात 2 बजकर 12 मिनट पर जब लोग गहरी नींद में सो रहे थे। तभी धरती अचानक कांपने लगी। झटके महसूस होते ही नींद में सो रहे लोग अचानक उठ गए, और घरों से बाहर निकल आए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 बताई गई है। राहत वाली बात ये है कि भूकंप से किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, हालांकि लोगों में डर का माहौल जरूर है। आगे पढ़िए
उत्तरकाशी समेत प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ वक्त से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। पिछले महीने भी उत्तरकाशी में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उस वक्त भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.1 थी। उत्तराखंड आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यहां लंबे वक्त से भूकंप की घटनाएं हो रही हैं। राज्य में पूर्व में आए बड़ी तीव्रता के भूकंप की बात करें तो 1999 में चमोली में आए भूकंप का मैग्नीट्यूड 6.8, 1991 में उत्तरकाशी में 6.6 और 1980 में धारचूला में 6.1 मैग्नीट्यूड के भूकंप आ चुके हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि भविष्य में उत्तराखंड में 6 से 7 तीव्रता तक का भूकंप आ सकता है, और ये पांच से दस साल के भीतर हो सकता है।