उत्तराखंड: 3.5 मैग्निट्यूड तीव्र भूकंप के झटकों से डोली धरती, मचा हडकंप.. प्रशासन अलर्ट मोड पर

उत्तरकाशी के भटवाड़ी क्षेत्र में गुरुवार रात 3.5 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र पिलंग के जंगलों में था। प्रशासन के अनुसार किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।
Advertisement हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम

पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।

Example Ads Media
Uttarkashi Earthquake: Earthquake shook the earth in Uttarkashi
Image: Earthquake shook the earth in Uttarkashi

उत्तरकाशी: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में गुरुवार रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। अचानक धरती हिलने से भटवाड़ी तहसील के कई क्षेत्रों में लोगों में कुछ देर के लिए दहशत फैल गई और लोग घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह रही कि इस भूकंप से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, प्रशासन ने स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखी है और सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

Earthquake shook the earth in Uttarkashi

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, भूकंप गुरुवार रात 8:02 बजे आया। इसके झटके मुख्य रूप से भटवाड़ी तहसील के आसपास महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र पिलंग के जंगलों में बताया गया है और रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 दर्ज की गई। प्रशासन के मुताबिक, अब तक जिले के किसी भी हिस्से से जनहानि, घायल होने या संपत्ति को नुकसान की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। भूकंप के बाद प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर स्थिति की समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों से क्षेत्र की जानकारी जुटाई।

भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील है उत्तरकाशी

विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तरकाशी जिला भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र में आता है। यह इलाका भूकंपीय जोन-4 और जोन-5 के अंतर्गत आता है, जहां भविष्य में बड़े भूकंप की संभावना को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जाती है। इसी वजह से हल्के झटकों के दौरान भी प्रशासन तुरंत सक्रिय हो जाता है और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर देता है। आगे पढ़िए..

1991 के विनाशकारी भूकंप की यादें हुईं ताजा

ताजा झटकों ने स्थानीय लोगों को 1991 के उत्तरकाशी भूकंप की याद दिला दी। उस समय रिक्टर पैमाने पर 6.6 तीव्रता के भूकंप ने जिले में भारी तबाही मचाई थी और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी, जबकि हजारों भवन क्षतिग्रस्त हुए थे। इसी कारण क्षेत्र के लोग आज भी भूकंप के हल्के झटकों को लेकर सतर्क रहते हैं।

प्रशासन ने जारी किए सतर्कता के निर्देश

आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने सभी चौकियों तथा राजस्व उपनिरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।