Joshimath sinking 16 जून 2013 को लोकसभा में सुषमा स्वराज ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। जिसमें उन्होंने पहाड़ों में विकास बनाम विनाश को लेकर सवाल उठाए थे।
-
अनुष्का ढौंडियाल
-
Advertisement
Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life
Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.
Example Ads Media
Image: joshimath disaster and sushma swaraj speech parliament
चमोली: “प्रकृति एक दिन क्रोधित होती है और ऐसी विनाश लीला करती है कि सब कुछ तबाह कर जाती है। कब आंखें खुलेगी हमारी?
joshimath disaster and sushma swaraj speech
कुछ ऐसे ही प्रश्नों के जरिए पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज ने उत्तराखंड के हालात को लेकर अपनी चिंता जताई थी। 16 जून 2013 को लोकसभा में सुषमा स्वराज ने ऐतिहासिक भाषण दिया था। जिसमें उन्होंने पहाड़ों में विकास बनाम विनाश को लेकर सवाल उठाए थे। अब उनकी बातें सच साबित हो रही हैं। जोशीमठ शहर धीमी मौत मर रहा है। सैकड़ों लोग बेघर हो गए हैं। इस संकट की घड़ी के बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज का लोकसभा में दिया गया भाषण लगातार वायरल हो रहा है। साल 2013 में केदारनाथ में आई आपदा को लेकर सुषमा स्वराज ने अपनी चिंता जताई थी। वीडियो में वो कहती नजर आ रही हैं कि उत्तराखंड में विकास के नाम पर जो होड़ लगी है, ये उसी का नतीजा है। 'सभापति इसके साथ एक और प्रश्न खड़ा हुआ है। विकास बनाम विनाश का। उत्तराखंड में विकास के नाम पर जो हो रहा है, प्रकृति से छेड़-छाड़ करने का प्रयास किया जा रहा है, पर्यावरण को प्रदूषित करने की, नादियो पर बांध बनाने की...ये उसका नतीजा है। हम किसके लिए विकास कर रहे हैं? हम अरबो-खरबों रुपये खर्च करके विकास करते जाते हैं। कब आंखें खुलेगी हमारी? क्या इस त्रासदी के बाद भी नहीं? क्या इस आपदा के बाद भी नहीं?' गंगा हमारे लिए साधारण नदी नहीं है, गंगा हमारे लिए मां है। अमूल्य जिंदगियां जा रही हैं। पूरा उत्तराखंड आज संकट पर खड़ा है।' आगे देखिए वीडियो
Joshimath sinking
लोकसभा में सुषमा स्वराज ने एक श्लोक ''अपूज्या यत्र पूज्यन्ते पूज्यानां तु विमानना, त्रीणि तत्र प्रवर्तन्ते दुर्भिक्षं मरणं भयं.'' के जरिए अपनी बात समझाई। इसका मतलब है, जहां अपूज्य लोगों की पूजा होती है और पूज्य लोगों का तिस्कार होता है, वहां अकाल, मृत्यु, डर तीनों प्रकट हो जाते हैं। इस वीडियो को बीजेपी नेता उमा भारती ने अपने ट्विटर अकाउंट से शेयर किया है। इसे जोशीमठ त्रासदी से जोड़कर देखा जा रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद मौजूदा बीजेपी सरकार से सवाल पूछे जा रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि सालों पहले सुषमा स्वराज ने ये मुद्दा उठाया था पर बहरी सरकार ने नहीं सुना। जिसकी वजह से पहाड़ धंसने लगे हैं।