उत्तराखंड में 1 अप्रैल से लागू होगा सख्त नियम, कबाड़ में चली जाएंगी 15 साल पुरानी हजारों गाड़ियां

एक अप्रैल से कबाड़ हो जाएंगे प्रदेश के 5500 सरकारी वाहन, केंद्रीय मोटरयान नियम की अधिसूचना लागू
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Image: 15 year old government vehicle scrap in uttarakhand

देहरादून: केंद्रीय मोटर यान नियम की अधिसूचना 1 अप्रैल से लागू हो रही है। इसके लागू होने के बाद 5500 वाहन कबाड़ बन जाएंगे और कबाड़ बनने के बाद सभी विभागों को नए वाहन खरीदने होंगे।

15 year old government vehicle scrap in uttarakhand

इसके बाद किसी भी 15 साल से पुराने सरकारी वाहन का नवीनीकरण नहीं होगा। उसे कबाड़ में देना होगा। एक वाहन की औसत कीमत 10 लाख मानें तो राज्य को 550 करोड़ की जरूरत होगी। बता दें कि बीते दिसंबर माह में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्क्रैप पॉलिसी के तहत मोटर यान अधिनियम में संशोधन का ड्राफ्ट जारी करते हुए सभी राज्यों से सुझाव मांगे थे। आखिरकार केंद्र सरकार ने केंद्रीय मोटर यान (प्रथम संशोधन) नियम 2023 की अधिसूचना जारी कर दी है। इसके दायरे में आने वाले वाहनों की जगह नए वाहन खरीदने या किराए पर वाहन लेने के लिए उत्तराखंड सरकार को 300 से 550 करोड़ खर्च करने पड़ेंगे।

दस लाख प्रति वाहन के हिसाब से देखें तो नए वाहन खरीदने को राज्य को 550 करोड़ की आवश्यकता होगी। इस बीच परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर यान (प्रथम संशोधन) नियम 2023 की अधिसूचना जारी कर दी है जो कि एक अप्रैल 2023 से प्रभावी हो जाएगी। इसके बाद किसी भी 15 साल से पुराने सरकारी वाहन का नवीनीकरण नहीं होगा। उसे कबाड़ में देना होगा, जिसके लिए हर जिले में तीन कबाड़ केंद्र बनाए जा रहे हैं। 5500 वाहनों के कबाड़ बनने के बाद सभी विभागों को नए वाहन खरीदने ही होंगे। एक वाहन की औसत कीमत 10 लाख मानें तो राज्य को 550 करोड़ की जरूरत होगी।