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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: गणतंत्र दिवस हाल ही में बीता और उत्तराखंड की झांकी ने सबका मन मोह लिया। अब उत्तराखंड के लोगों के लिए एक और शानदार खबर सामने आई है।
उत्तराखंड की झांकी मानसखंड को देश मे प्रथम स्थान मिला है और इसी के साथ उत्तराखंड के नाम बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिलने से उत्तराखंड राज्य का नाम इतिहास में दर्ज हो गया है। इस बार उत्तराखंड की झांकी मानसखण्ड पर आधारित थी। मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत चार धाम की तर्ज पर कुमाऊं क्षेत्र के पौराणिक मंदिरों को भी विकसित किया जा रहा है। भारत सरकार को भेजे गए झांकी का विषय/टाइटिल "मानसखंड" मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुझाया था। उन्होंने मंदिर माला मिशन के अंतर्गत मानसखंड के रूप में इस विषय का सुझाव दिया था। बता सितंबर माह में भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं मंत्रालयों से प्रस्ताव मांगे जाते हैं।
अक्टूबर तक राज्य सरकारें विषय का चयन कर प्रस्ताव भारत सरकार को भेजती है। उसके बाद भारत सरकार प्रस्तुतिकरण के किये आमंत्रित करती है। फिर तीन बैठकें डिजाइन निर्माण के सन्दर्भ में होती हैं। मॉडल का निर्णय लेने के बाद थीम सॉंग 50 सेकंड का जो उस प्रदेश की संस्कृति को प्रदर्शित करता हो उसको तैयार किया जाता है। अंततः सर्वोत्तम झांकी का निर्णय लिया जाता है। उत्तराखंड की झांकी के आगे और पीछे उत्तराखंड का नाम भी ऐपन कला से लिखा गया था। झांकी में मंदिर के आगे और पीछे घनघोर देवदार के वृक्षो का सीन तैयार किया गया था जो कि बेहद मंत्रमुग्ध कर देने वाला दृश्य था। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि हम सबके लिए गौरवशाली पल है।