Almora Gaurav Tiwari Maggi Point मैगी प्वाइंट के संचालन के लिए गौरव ने अपनी 11 लाख पैकेज वाली जॉब तक छोड़ दी और अल्मोड़ा लौटकर अपने पिता के काम में हाथ बंटाने लगे।
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कोमल नेगी
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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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Image: Almora Gaurav Tiwari Maggi Point Story
अल्मोड़ा: लोग कहते हैं पहाड़ में जॉब के अवसर नहीं हैं, संसाधन नहीं हैं, लेकिन जिन लोगों में कुछ कर गुजरने का जज्बा है, वो पहाड़ में रहकर भी सफलता की नई ऊंचाईयां छू रहे हैं।
Almora Gaurav Tiwari Maggi Point Story
आज हम आपको एक ऐसे ही युवक के बारे में बताने जा रहे हैं। इनका नाम है गौरव तिवारी। जो कि अल्मोड़ा में मशहूर मैगी प्वाइंट का संचालन कर अपने पिता के काम को आगे बढ़ा रहे हैं। मैगी प्वाइंट के संचालन के लिए गौरव ने अपनी 11 लाख पैकेज वाली जॉब तक छोड़ दी और अल्मोड़ा लौटकर अपने पिता के काम मे हाथ बंटाने लगे। अल्मोड़ा में उनका मैगी प्वाइंट इस कदर मशहूर है कि यहां की मैगी खाने के लिए लोग अलग-अलग इलाकों से पहुंचते हैं। अब यहां सिर्फ मैगी ही नहीं बल्कि मोमोज, चाऊमीन, थुप्पा और सूप भी मिलते हैं, जिनके लोग खूब दीवाने हैं। आगे पढ़िए
गौरव ने होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है। पिछले 10 सालों से वह मुंबई के बार्ज में शेफ थे, जहां उन्हें सालाना 11 लाख का पैकेज मिलता था। गौरव बताते हैं कि उनके पैर में दिक्कत होने की वजह से वो अल्मोड़ा लौट आए और पिता का काम आगे बढ़ाने की सोची। अब वह पिता के साथ मिलकर वह दुकान में तमाम फास्ट फूड के आइटम बनाते हैं। लोगों के बीच उनका फास्ट फूड सेंटर बहुत लोकप्रिय है। पहले लोग यहां सिर्फ मैगी खाने पहुंचते थे, लेकिन अब वो यहां मिलने वाले मोमोज, थुप्पा और सूप का भी जमकर लुत्फ उठाते हैं। शाम के समय यहां लोगों की खूब भीड़ दिखाई देती है। गौरव ने अपनी सफलता से साबित कर दिया कि अगर ठान लिया जाए तो कम संसाधनों में ही शानदार अवसर तलाशे जा सकते हैं। उनकी सफलता दूसरे युवाओं को भी प्रेरणा दे रही है।