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देहरादून: देहरादून के विक्रम चालकों की एक बड़ी समस्या का जल्द समाधान हो सकता है। एक कंपनी ने परिवहन विभाग से डीजल से चलने वाले थ्री व्हीलर को सीएनजी में परिवर्तित करने का काम शुरू करने की अनुमति मांगी है।
परिवहन विभाग ने मंजूरी दी तो दून के विक्रम चालकों की बड़ी समस्या का समाधान हो जाएगा। वो इसलिए क्योंकि दून में 10 साल या इससे अधिक पुराने विक्रम को इसी साल 31 मार्च और बाकी बचे विक्रम को दिसंबर 2023 तक सड़क से हटाया जाना है। डीजल वाले विक्रम सड़क से हटा दिए जाएंगे। विक्रम वाहनों के परमिट संचालक इन्हें बीएस-6 वाहन, इलेक्ट्रिक या फिर सीएनजी में परिवर्तित कर सकते हैं। नया वाहन खरीदना काफी महंगा पड़ेगा, ऐसे में अगर विक्रम वाहनों पर सीएनजी किट लग जाए तो विक्रम संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके लिए एक कंपनी ने परिवहन विभाग में आवेदन किया है। फिलहाल परिवहन विभाग परीक्षण कर रहा है।
आवेदन करने वाली कंपनी बिहार समेत कई राज्यों में पहले से ही थ्री व्हीलर पर सीएनजी किट लगाने का काम कर रही है। इस कंपनी के राजीव पंवार बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर में वर्कशॉप बनाने का काम शुरू हो गया है। डीजल वाले विक्रम पर सीएनजी किट लगाने के लिए इंजन भी बदलना पड़ता है। इस पर 75 हजार से 90 हजार तक का खर्च आता है। हमने विभाग से काम शुरू करने की अनुमति मांगी है। विभाग ने परीक्षण के बाद अनुमति देने की बात कही है। अगर अनुमति मिलती है तो मार्च के अंत तक काम शुरू कर देंगे। आरटीओ प्रशासन सुनील शर्मा ने कहा कि कंपनी ने डीजल वाले विक्रम पर सीएनजी किट लगाने का आवेदन किया है। इसका परीक्षण करवाया जा रहा है कि कंपनी आखिर किस तरह से किट लगा रही है। अगर किट मानकों पर खरी उतरती है, तो अनुमति जरूर दी जाएगी। बता दें कि देहरादून में डीजल वाले विक्रम का संचालन जल्द ही बंद होने वाला है, लिहाजा विक्रम संचालक कम खर्च में डीजल से चलने वाले विक्रम को सीएनजी में बदलने का रास्ता तलाश रहे हैं।