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देहरादून: सरपंच और ग्राम प्रधान को गांव की सरकार कहा जाता है। इनके दम पर ही गांव की दशा और दिशा तय होती है।
प्रदेश की दो महिला सरपंच कविता देवी और निकिता चौहान ने इस बात का मर्म समझा और अपने गांवों की हालत सुधारने में जुट गईं। दोनों ने लोगों को स्वच्छता का महत्व समझाया। घरों में शौचालय बनवाए और इस तरह अपने गांवों को ओडीएफ यानि खुले में शौच से मुक्त गांव बनाने की दिशा में उत्कृष्ट काम किया। अब सरपंच कविता देवी और निकिता चौहान को राष्ट्रपति द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान-2023 से नवाजा जाएगा। कविता देवी बागेश्वर जिले की रहने वाली हैं। जबकि निकिता चौहान देहरादून में रहती हैं। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा दोनों को स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान-2023 के लिए चयनित किया गया है। आगे पढ़िए
राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोनों महिला सरपंचों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य की महिला सरपंचों को यह सम्मान मिलना प्रदेशवासियों, विशेषकर यहां की महिलाओं के लिए गौरव का विषय है। यह सम्मान उत्तराखंड में जमीनी स्तर पर महिला नेतृत्व के असाधारण योगदान का सम्मान है। बता दें कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय द्वारा स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान कार्यक्रम के तहत आगामी चार मार्च से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस सप्ताह मनाया जाएगा। इस दौरान चार मार्च को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा चयनित महिलाओं को स्वच्छ सुजल शक्ति सम्मान-2023 से सम्मानित किया जाएगा। सम्मानित होने वाली महिला सरपंचों में बागेश्वर की कविता देवी और देहरादून की निकिता चौहान भी शामिल हैं।