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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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ऋषिकेश: कुछ प्रेम कहानियां सपनों जैसी खूबसूरत हुआ करती हैं। एक ऐसी ही खूबसूरत प्रेम कहानी योगनगरी ऋषिकेश में विवाह के अंजाम तक पहुंची।
सात समंदर पार से आए दूल्हे शोन ने ऋषिकेश की रहने वाली शीतल पुंडीर को अपनी जीवनसंगीनी बनाया और सात जन्म तक साथ निभाने की कसमें खाईं। शोन कनाडा के रहने वाले हैं। उनकी मां कैरोल ह्यूजेस कनाडाई संघीय चुनाव में चार बार से हाउस ऑफ कॉमन में चुनी जाती रही हैं। शोन और शीतल की शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। शादी की रस्मों के दौरान शोन घोड़े में सवार होकर आए और सात फेरे लेने के बाद वरमाला डालकर शीतल संग साथ जीने-मरने की कसम खाई। बात करें दुल्हन शीतल की तो उनका परिवार जीवनी माई मार्ग में रहता है। शीतल के पिता श्रीराम पुंडीर का कई साल पहले निधन हो गया था। उनके चाचा नटवर श्याम ने ही शीतल और उनके परिवार की देखभाल की।
शीतल ने बताया कि वर्ष 2009 में वह पीएचडी करने कनाडा चली गई। वहां उन्होंने एंटी कैंसर ड्रग डिस्कवरी में पीएचडी की। उसके बाद उन्होंने कनाडा के फेंज किड हॉस्पिटल में काम किया। शीतल ने वहां पर नेत्र रोग में एमडी किया। वर्तमान में वह नेत्र रोग विशेषज्ञ के रूप में तैनात हैं। साल 2018 में शीतल को कनाडा की नागरिकता मिल गई। शीतल और शोन की पहली मुलाकात पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों एक-दूसरे से प्यार करने लगे और शादी का इरादा कर लिया। शोन न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नीति सलाहकार हैं। शीतल ने बताया कि वो भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार विवाह करना चाहती थीं, जिस पर शोन और उनके परिवार ने खुशी से सहमति दे दी। बीते दिनों शोन के माता-पिता भारत आए और यहां हिंदू रीति-रिवाज से शोन और शीतल की शादी हो गई। विवाह के बाद शोन ने कहा कि विवाह के दौरान वैदिक परंपरा, संयुक्त परिवार यह सब उनके लिए हमेशा अविस्मरणीय रहेंगे। शोन और उनका परिवार सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं से प्रभावित नजर आए।