उत्तराखंड: जानिए कब है होलिका पूजन और दहन का शुभ मुहूर्त..दूर कीजिए कन्फ्यूजन

इस साल होलिका दहन की तिथि पर सुबह के समय भद्रा रहेगी। ऐसे में लोग कशमकश में हैं कि होलिका दहन छह मार्च को करें या सात मार्च को।
Advertisement Triyuginarayan - World’s Most Divine Wedding Destination

Couples are choosing the sacred land of Lord Shiva’s wedding to begin their own love stories.

Example Ads Media
holika dahan shubh muhurat: Know the shubh muhurat of Holika Dahan and Puja
Image: Know the shubh muhurat of Holika Dahan and Puja

देहरादून: होली का त्योहार करीब है। हर जगह होली के जश्न की तैयारी चल रही है। इस साल देशभर में होली 8 मार्च को मनाई जाएगी।

Know the shubh muhurat of Holika Dahan

रंगोत्सव कब मनाया जाएगा, ये तो पता है, लेकिन होलिका दहन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस साल होलिका दहन की तिथि पर सुबह के समय भद्रा रहेगी। ऐसे में लोग कशमकश में हैं कि होलिका दहन छह मार्च को करें या सात मार्च को। ज्योतिषाचार्यों ने इसे लेकर स्थिति साफ करते हुए कहा कि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन प्रदोष काल में होलिका दहन होता है। उसके अगले दिन चैत्र कृष्ण प्रतिपदा को होली खेली जाती है। इस साल होलिका दहन सात मार्च को होगा। फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 6 मार्च मंगलवार को शाम 4.17 बजे शुरू होगी। पूर्णिमा तिथि का समापन 7 मार्च बुधवार को शाम 6.09 बजे होगा।

दोनों ही दिन प्रदोष काल पूर्णिमा तिथि में रहेगा। इसलिए ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 7 मार्च को शाम 6.24 बजे से रात 8. 51 बजे तक होगा। 7 मार्च को होलिका दहन के लिए 2 घंटे 27 मिनट का मुहूर्त है। इस अवधि में होलिका पूजन और दहन किया जाएगा। एक और बात नोट कर लें। होली पर रंग-गुलाल लगाने से लेकर खाने-पीने तक हर कदम पर सावधानी की जरूरत है। रंग खेलने से पहले त्वचा पर एंटी एलर्जिक क्रीम या तेल लगा लें। बालों को कपड़े से बांध लें, ताकि रंग गुलाल बालों में न जाए। भरपूर पानी पीकर होली खेलें, शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें। हर्बल रंग और गुलाल का प्रयोग बेहतर रहेगा। रंग फेफड़ों में न जाए, इसका ध्यान रखें।