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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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ऋषिकेश: शुभ काम की शुरुआत जितनी सुंदर और सरल हो, उतनी ही जीवन में खुशियां बरकरार रहती हैं। इसका जीता जागता उदाहरण है वसीली और एकता की कहानी।
दोनों ने ऋषिकेश में बिना किसी दिखावे के शादी संपन्न की। जहां एक ओर डेस्टिनेशन वेडिंग्स का क्रेज बढ़ा है, दूसरी तरह विदेशी लोगों का भारतीय कल्चर की तरफ मोह भी बढ़ा है। अब पेरिस में अनुसंधान के दौरान स्विट्जरलैंड निवासी वसिली और गोरखपुर उत्तर प्रदेश निवासी एकता मिले। यहां से शुरू दोस्ती के बाद दोनों ने जिंदगीभर साथ रहने का फैसला लिया
दोनों ने शादी करने के लिए कोई फॉरेन डेस्टिनेशन न चुनकर ऋषिकेश में गंगा तट पर वैदिक रीति-रिवाज से सात फेरे लेने का निर्णय लिया। गोरखपुर निवासी एकता पांच वर्ष पूर्व फिजिक्स अनुसंधान करने के लिए पेरिस गई थी। जहां उसकी मुलाकात स्विटजरलैंड निवासी रिसर्च स्कालर वसिली से हुई। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। वसिली ने एकता के समक्ष शादी का प्रस्ताव रखा। जिसके बाद एकता ने वसिली से विवाह का फैसला लिया।दोनों ने सरल तरह से शादी करने का निर्णय लिया और गंगा तट पर एक दूसरे के हो गए। शुक्रवार को विधि-विधान के साथ दोनों ने गंगा तट पर अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूसरे गले में वरमाला डालकर सात जन्म तक संग रहने की कसमें खाई।