गढ़वाल में बच्ची को बनाया जा रहा था बालिका वधू, हरियाणा से आने वाला था दूल्हा, लेकिन..

नाबालिग बच्ची की शादी हरियाणा के रहने वाले युवक से कराई जा रही थी। इसके लिए नाबालिग के फर्जी दस्तावेज भी बनाए गए थे।
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uttarkashi bal vivah: Administration stopped child marriage in Uttarkashi Dunda
Image: Administration stopped child marriage in Uttarkashi Dunda

उत्तरकाशी: प्रदेश में बाल विवाह के नाम पर बच्चियों की जिंदगी संग खिलवाड़ किया जा रहा है। कई जगह तो बच्चियां शादी के नाम पर दूसरे राज्यों में बेची जा रही हैं।

Child marriage stopped in Uttarkashi Dunda

उत्तरकाशी में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां एक नाबालिग बच्ची की शादी हरियाणा के रहने वाले युवक से कराई जा रही थी। इसके लिए नाबालिग के फर्जी दस्तावेज भी बनाए गए थे, लेकिन प्रशासन के दखल के चलते बच्ची बालिका वधू बनने से बच गई। घटना डुंडा के कुमारकोट गांव की है। यहां शादी समारोह चल रहा था। बारात की अगवानी के लिए शामियाना भी सज चुका था, लेकिन बारात के पहुंचने से पहले ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और बच्ची और उसकी मां को वन स्टॉप सेंटर ले आई। वहां पता चला कि कुछ दिनों पहले बच्ची की कोर्ट मैरिज भी कराई गई थी। आगे पढ़िए

परिजनों ने शादी के लिए नाबालिग का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया हुआ था। हालांकि प्रशासन ने जब जांच की तो हाईस्कूल प्रमाण पत्र के अनुसार बच्ची की उम्र 16 साल कुछ महीने पाई गई। ये भी पता चला है कि नाबालिग की कोर्ट मैरिज हरियाणा में रहने वाले उनके किसी परिचित ने कराई थी। बीते दिन विधिवत रीति-रिवाज से शादी होनी थी। तैयारियां पूरी कर ली गई थीं और बारात का इंतजार किया जा रहा था। उधर, मामले की भनक लगने पर बारात आधे रास्ते से ही वापस लौट गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल मामले की जांच जारी है। अगर परिजनों ने बच्ची की कोर्ट मैरिज करवाई होगी, तो दोनों पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मामले में जानकारी जुटाई जा रही है।