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देहरादून: शराब के शौकीनों को राहत मिलने वाली है। प्रदेश में देशी-विदेशी शराब की कीमतें कम करने का निर्णय लिया गया है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई। जिसमें प्रदेश की आबकारी नीति 2023-24 को मंजूरी मिल गई। शराब की तस्करी को रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने कीमतें कम करने का निर्णय लिया है। नई आबकारी नीति में यूपी के मुकाबले प्रदेश में शराब केवल 20 रुपये महंगी रखी जाएगी। इस निर्णय से प्रदेश में शराब के दामों में प्रति बोतल 100 से 300 रुपये तक की कमी आ जाएगी। कैबिनेट ने नई दुकानें खोलने की अनुमति भी दे दी है। शराब को सस्ती करने के लिए मिनिमम गारंटी ड्यूटी (एमजीडी) में कमी का निर्णय लिया गया है। सरकार ने डिपार्टमेंटल स्टोर के लाइसेंस का शुल्क पहाड़ों में आठ लाख रुपए और मैदानी जिलों में आठ से बढ़ाकर 15 लाख रुपए कर दिया है। नई नीति के तहत सरकार ने आबकारी विभाग को वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए चार हजार करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया है।
इस साल का लक्ष्य 3600 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा उपभोक्ता से प्रति बोतल तीन रुपये महिला कल्याण, युवा कल्याण व खेल विभाग और गौवंश संरक्षण के लिए बतौर सेस वसूले जाएंगे। यानी हर विभाग को प्रति बोतल शराब की बिक्री पर एक रुपया मिलेगा। एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश में चार से पांच लाख बोतल शराब प्रतिदिन बिकती है। इस हिसाब से प्रत्येक विभाग को हर महीने एक से डेढ़ करोड़ राजस्व मिलने की उम्मीद है। शराब की दुकानों पर ओवर रेटिंग की शिकायतें आम हैं। नई आबकारी नीति में इस पर लगाम लगाने के लिए खास प्रावधान किया गया है। अगर किसी दुकान की पांच बार एमआरपी से अधिक वसूली की शिकायत आई तो उसका लाइसेंस सस्पेंड कर दिया जाएगा।