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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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हल्द्वानी: हल्द्वानी के लोगों की एक बड़ी समस्या का समाधान होने जा रहा है। यहां के लोग अब पानी का बिल स्मार्ट मीटर में दर्ज हुई रीडिंग के आधार पर चुकाएंगे। पानी की सप्लाई स्मार्ट मीटर से होगी।
इस तरह उपभोक्ता रीडिंग के हिसाब से जरूरत का पानी खर्च करेंगे। शहर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था जल निगम विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत आ गई है। हल्द्वानी के कुसुमखेड़ा में पहले ही स्मार्ट मीटर से बिल आ रहा है, लेकिन करीब ढाई हजार आबादी को अब तक जल संस्थान की ओर से जलापूर्ति हो रही थी। जिसका बिल तीन महीने में मैनुअल तरीके से आता था। अब पानी की सप्लाई व्यवस्था जल निगम विश्व बैंक परियोजना के अंतर्गत आ गई है। ऐसे में लोगों को 4 महीने में स्मार्ट मीटर में दर्ज रीडिंग के आधार पर बिल चुकाना होगा। बता दें कि हल्द्वानी में पहले 5 हजार से ज्यादा आबादी को गौला नदी से पानी की आपूर्ति होती थी।
शहर की आबादी बढ़ी तो फरवरी 2020 में करीब 12 करोड़ की लागत से विश्व बैंक परियोजना के तहत पेयजल योजना का काम शुरू हुआ। नलकूप, पंप हाउस और 32 किमी लंबी पेयजल लाइन बिछाई गई और पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई, लेकिन दिक्कत तब पैदा हुई जब कई घरों में जल संस्थान और जल निगम के बिल एक साथ पहुंचने लगे। इस परेशानी को देखते हुए एक अप्रैल 2023 को जल संस्थान ने फ्रेंड्स कॉलोनी का नलकूप समेत आपूर्ति व्यवस्था जल निगम को हस्तांतरित कर दी। अब शहर की बाकी आबादी को भी स्मार्ट मीटर से 14.69 रुपये प्रति किलोलीटर के हिसाब से बिल का भुगतान करना होगा। जल निगम विश्व बैंक परियोजना के सहायक अभियंता वाईएस रावत ने बताया कि कुछ जगह स्मार्ट मीटर पहले से लगे हैं। जहां नहीं हैं, वहां इसकी कार्यवाही चल रही है। पूरे शहर में पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी गई है।