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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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चम्पावत: उत्तराखंड में बाघ-हाथियों के साथ-साथ मधुमक्खियां भी लोगों के लिए दहशत का सबब बनी हुई हैं।
जगह-जगह मधुमक्खियों के हमले की घटनाएं सामने आ रही हैं। चंपावत में हुई एक ऐसी ही घटना में ढाई साल के बच्चे को अपनी जान गंवानी पड़ी। यहां एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहे परिवार पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमले में ढाई साल के मासूम की मौत हो गई। बच्चा जंगल में खाई में पड़ा था। घटना गुरुवार की है। यहां कोटकेंद्री गांव में रहने वाला गणेश राम अपनी पत्नी पार्वती, छह महीने की बेटी और ढाई साल के बेटे के साथ एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने पड़ोस के गांव जा रहा था। साथ में 19 साल का भतीजा मनोज भी था। रास्ते में अचानक मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया। गणेश राम और उसकी पत्नी पार्वती छह महीने की बेटी को लेकर किसी तरह बच निकले, लेकिन 19 साल का भतीजा मनोज उनके ढाई साल के बेटे कार्तिक को लेकर दूसरी दिशा की ओर भाग गया।
मधुमक्खियां पीछे पड़ीं तो मनोज कार्तिक को जंगल में छोड़कर एसएसबी की खेत ब्यूरी बीओपी पहुंच गया। वहां वह बेहोश हो गया। बाद में मनोज को अस्पताल पहुंचाया गया। देर शाम को मनोज को होश आया तो परिजनों ने उससे कार्तिक के बारे में पूछा। तब मनोज ने बताया कि वो कार्तिक को जंगल में छोड़ आया था। इसके बाद खोजबीन शुरू हुई तो सुबह कार्तिक एक खाई में अचेत अवस्था में मिला। उसकी मौत हो चुकी थी। बच्चे को मधुमक्खियों ने काटा था। इसके अलावा उसके सिर पर भी चोट थी। घायल मनोज के बेहोश होने पर परिजनों को भी इसका आभास नहीं हुआ कि कार्तिक जंगल में छूटा हो सकता है। उन्हें लगा कि कार्तिक को मनोज ने किसी के पास सुरक्षित छोड़ दिया होगा। अगर कार्तिक के जंगल में छूटे होने का समय पर पता चल जाता तो उसकी जान नहीं जाती। अचानक हुई इस घटना से पूरे परिवार में कोहराम मचा है।