पानी चोरी हुआ तो क्षेत्र के कई घरों में मुसीबत आन पड़ी। न तो टॉयलेट में पानी आया और न ही किचन में। आगे जानिए पूरा मामला
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
Image: 1 lakh liters of water stolen in Bhimtal
नैनीताल: आपने चोरी की खबरें खूब पढ़ी और सुनी होंगी।
1 lakh liter water stolen in Bhimtal
कोई कीमती जेवर और नगदी चोरी करता है, तो कोई सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट उड़ा लेता है, लेकिन नैनीताल के भीमताल में गजब हो गया। यहां असामाजिक तत्वों ने जल संस्थान के टैंक से एक लाख लीटर पानी ही चोरी कर लिया। पानी चोरी हुआ तो क्षेत्र के कई घरों में मुसीबत आन पड़ी। न तो टॉयलेट में पानी आया और न ही किचन में। कई घरों में पानी की एक बूंद तक नहीं टपकी। पानी चोरी की घटना का पता तब चला, जब पेयजल निगम का एक लाइनमैन पानी खोलने के लिए टैंक के पास गया। वहां पानी की एक बूंद भी नहीं थी। मामला जौंस स्टेट का है, जहां जंगल के बीच बने टैंक से एक लाख लीटर पानी चोरी हो गया। चोरों ने रातोंरात पूरे टैंक को खाली कर दिया। इसी टैंक से तीन वर्ष पूर्व भी पानी की चोरी हो चुकी है। शुक्रवार को यहां एक बार फिर पानी चोरी की घटना हुई।
जल संस्थान ने जो पानी जमा किया था। उसे किसी ने वाल्ब में पाइप लगाकर चोरी कर लिया। शनिवार की सुबह घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं टपकी। क्षेत्र में कई होम स्टे, होटल रिसार्ट आदि के कर्मी भी पानी के लिए भटकते दिखे। कई लोंगो ने निजी टैंकों से पानी मंगाया। इस पानी के टैंक से क्षेत्र के लगभग एक दर्जन से ज्यादा होटलों-रिजॉर्टों और दो हजार से ज्यादा घरों में पानी सप्लाई होता है। ग्रामीणों ने बताया कि चोरों ने तीन साल पहले भी ऐसी ही घटना को अंजाम दिया था। इस बार चोर अपने पीछे कोई सबूत नहीं छोड़ गए। वो वॉल्ब तक चुराकर ले गए, ताकि आगे भी पानी की सप्लाई न हो सके। जल संस्थान के अधिकारी भी बेबस नजर आ रहे हैं। अवर अभियंता हर्षित कुमार ने कहा कि पानी के बाद चोरों ने वॉल्ब भी चुरा लिया, जिस वजह से टैंक में पानी जमा नहीं हो पा रहा। पानी के चैंबर को ठीक किया जा रहा है।