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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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पिथौरागढ़: उत्तराखंड का सीमांत जिला पिथौरागढ़। इस जिले में हर नियम-कानून को दरकिनार कर नाबालिग बच्चियों की शादी कराई जा रही है।
जिस उम्र में बच्चियों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उस उम्र में उनके कंधों पर गृहस्थी का बोझ डाल दिया जाता है। कम उम्र में शादी के बाद वो जल्द ही मां बन जाती हैं और साथ ही गंभीर बीमारियों का शिकार भी। चाइल्ड हेल्प लाइन के आंकड़ों पर गौर करें तो ऐसे मामले हर साल बढ़ रहे हैं। धारचूला में भी कुछ समय पहले एक 12 साल की बच्ची की एक नहीं बल्कि दो बार शादी करा दी गई थी। इतना ही नहीं बच्ची प्रेग्नेंट भी हो गई थी। जनपद में बीते कुछ वर्षों में बाल विवाह के मामले तेजी से बढ़े हैं।
साल 2015-16 से लेकर अब तक के आंकड़ों पर गौर करें तो बाल विवाह के 74 मामले पकड़े गए हैं। प्रशासन की सजगता से ज्यादातर मामलों में शादी रुकवा दी गई, केवल 2 मामलों में नाबालिगों का विवाह हो गया था। बाद में विवाह में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। वर्ष 2020-21 में बाल विवाह के सबसे ज्यादा मामले देखने को मिले। तब चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने यहां 17 मामले पकड़े थे। साल 2015 के बाद ये आंकड़े सबसे ज्यादा हैं। साल 2022-23 में भी बाल विवाह के 14 मामले सामने आए हैं। इन आंकड़ों को देखकर आप स्थिति की गंभीरता का अंदाजा खुद लगा सकते हैं।