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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
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पौड़ी गढ़वाल: 25 मई को उत्तराखंड बोर्ड का रिजल्ट घोषित हुआ। इस रिजल्ट ने हमें न सिर्फ उत्तराखंड के होनहारों के बारे में बताया, बल्कि भविष्य के लिए एक उम्मीद भी दी।
गरीब परिवारों के बच्चों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में टॉप कर के शिक्षा को व्यापार बनाने वालों के मुंह पर ताले जड़ दिए। आज हम आपको पहाड़ की ऐसी ही होनहार बिटिया के बारे में बताने जा रहे हैं। गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत के पैतृक गांव सीरों, कल्जीखाल की होनहार छात्रा आंचल ने 12वीं की परीक्षा में पूरे उत्तराखंड में 24वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने परीक्षा में 92.6 परसेंट अंक हासिल किए। आंचल के पिता भरत सिंह गांव में मजदूरी करते हैं। मां संगीता देवी गृहणी हैं। गरीब परिवार में पली-बढ़ी आंचल अपने माता-पिता के साथ घास और लकड़ी काटने जैसे तमाम काम करती है। बकरियों को चराने के लिए जंगल भी जाती है। आगे पढ़िए
जिंदगी संघर्षों से भरी है, लेकिन आंचल जानती है कि अगर उसे अपनी किस्मत बदलनी है तो शिक्षा को अपनी ताकत बनाना होगा। बकरियों को जंगल ले जाते वक्त आंचल कॉपी-किताबें साथ लेकर जाती थी। उसने खूब मेहनत की और आज रिजल्ट सबके सामने है। आंचल जनता इंटरमीडिएट कॉलेज रमाडांग की छात्रा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य महेश चंद्र शाह ने बताया कि यह पहला मौका है, जबकि स्कूल की किसी छात्रा ने मेरिट में जगह बनाई है। इसलिए ये अवसर हर किसी के लिए खास है। शुक्रवार को विद्यालय परिवार ने आंचल व उसके माता-पिता का विद्यालय में मिठाई खिलाकर व माला पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान आंचल के माता-पिता की आंखें खुशी से नम हो गईं। होनहार आंचल भविष्य में टीचर बनना चाहती है, ताकि वो अपनी जैसी कई बच्चियों को पढ़ने और आगे बढ़ने में मदद कर सके।