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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पौड़ी गढ़वाल: कहने को अंकिता भंडारी हत्याकांड को 10 महीने हो गए हैं। लोगों की जिंदगी आगे बढ़ गई है, लेकिन जिन माता-पिता ने अपनी बेटी को खो दिया, वो हर दिन खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।
अंकिता भंडारी के माता-पिता बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्हें सरकारी वकील पर भरोसा नहीं रह गया है। लिहाजा उन्होंने सरकारी वकील बदलने की मांग की है। इसी को लेकर बीते दिन अंकिता भंडारी के माता-पिता पौड़ी के डीएम आशीष चौहान से मिलने के लिए पहुंचे। वहां न्याय की गुहार लगाते हुए अंकिता की मां फूट-फूटकर रो पड़ीं। अंकिता के माता-पिता ने सरकारी वकील की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी वकील मामले की पैरवी मजबूती से नहीं कर रहे। उन्होंने डीएम से वकील को बदलने की मांग की। आगे पढ़िए
साथ ही मांग पूरी ना होने पर आमरण अनशन की चेतावनी भी दी। अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी और मां सोनी देवी ने आरोप लगाया कि उन्हें केस के कमजोर होने की आशंका है। सरकारी वकील जीतेंद्र चौहान मामले की पैरवी मजबूती से नहीं कर पा रहे। अंकिता के माता-पिता ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर सरकारी वकील को बदलने की मांग की। इस दौरान अंकिता की मां सोनी देवी अपने आप पर नियंत्रण नहीं रख पाईं और दफ्तर में फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी के केस (ankita bhandari murder) को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है। बता दें कि गंगाभोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की बीते साल सितंबर में हत्या कर दी गई थी। मामले में पुलिस ने रिसार्ट मालिक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भाष्कर व सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। तीनों फिलहाल जेल में हैं।