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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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उधमसिंह नगर: कहते हैं कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। उत्तराखंड में भी कानून के हाथ एक अपराधी तक पहुंचे तो, लेकिन उसे जेल पहुंचा पाने में कामयाब नहीं हो सके।
अपराधी शातिर था। उसने पुलिसकर्मियों से गिरियाते हुए कहा कि साहब टॉयलेट जाना है। पुलिसकर्मियों को उस पर दया आ गई। उन्होंने अपराधी को गाड़ी से नीचे उतरने को कहा। गाड़ी से नीचे उतरते ही आरोपी ने पुलिसकर्मियों को धक्का दिया और हथकड़ी व रस्सा समेत फरार हो गया। पुलिसवाले काफी दूर तक उसके पीछे दौड़ते रहे, लेकिन आरोपी पुलिस के हाथ नहीं लगा। घटना काशीपुर की है। जहां एक फिल्मी सीन की तरह एनडीपीएस एक्ट का अभियुक्त पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। घटना के वक्त पुलिस उसे अल्मोड़ा से उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पेशी के लिए ले जा रही थी। तभी आरोपी पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया।
फिलहाल आरोपी को पकड़ने के लिए काशीपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। अल्मोड़ा पुलिस लाइन में तैनात एएसआई दयान दत्त ने काशीपुर पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वो एनडीपीएस एक्ट के आरोपी शहनवाज अहमद को कांस्टेबल महेश प्रसाद, सूरजनाथ और चालक प्रमोद ध्यानी के साथ पेशी के लिये बिजनौर ले जा रहे थे। जब वह काशीपुर में रामनगर रोड स्थित होटल प्रेमदीप के पास पहुंचे तो अभियुक्त ने कहा कि मुझे लघु शंका करनी है। शहनवाज को जैसे ही गाड़ी से नीचे उतारा गया, वो कांस्टेबल महेश प्रसाद और सूरज नाथ को धक्का देकर हथकड़ी और रस्सा समेत भाग गया। पुलिस ने उसका पीछा भी किया लेकिन बारिश और रास्ते में झाड़ियां होने के कारण शहनवाज फरार होने में कामयाब रहा। बहरहाल पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।