गनीमत रही कि मलबा गिरने की घटना सुबह के वक्त हुई, उस वक्त मौके पर लोग मौजूद नहीं थे, वरना बड़ा हादसा हो जाता।
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कोमल नेगी
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Image: Uttarakhand Heavy Rain Debris fell on vehicles in Gopeshwar
चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में एक बार फिर बारिश से तबाही मचने लगी है। लगातार जारी बारिश से पहाड़ टूटकर सड़कों पर गिर रहे हैं।
Debris fell on vehicles in Gopeshwar
कई सड़कें बंद हैं। जिस वजह से ग्रामीण इलाकों में जरूरत का सामान नहीं पहुंच पा रहा। गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। इस बीच एक डराने वाली तस्वीर चमोली के गोपेश्वर से आई है। यहां बीती रात से हो रही बारिश के चलते नेग्वाड़ मोहल्ले में पार्किंग में खड़े वाहनों पर मलबा गिर गया। मलबे में तीन कारें दब गईं, जिससे तीनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। पुलिस के गश्ती दल ने मलबा आने की सूचना स्थानीय लोगों को दी, जिस पर लोग मौके पर पहुंचे। शुक्र है कि यह घटना सुबह के वक्त हुई, जिसके चलते वहां पर लोग मौजूद नहीं थे। अगर दिन के वक्त मलबा गिरने की घटना हुई होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। आगे पढ़िए
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जिले में बिरही निजमुला मोटर मार्ग भी काली पहाड़ी के पास बंद है। सड़क पर भारी मात्रा में मलबा जमा है। सड़क बंद होने से 17 गांवों में आवाजाही ठप हो गई है, लोग परेशान हैं और रास्ता खुलने का इंतजार कर रहे हैं। इस बीच मौसम विभाग ने चिंता बढ़ाने वाली सूचना दी है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल बारिश से राहत नहीं मिलेगी। प्रदेश में दो जुलाई तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान देहरादून, नैनीताल, चंपावत, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश होने की संभावना है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में रुक-रुककर हो रही बारिश के साथ सड़कों के बंद होने का सिलसिला भी जारी है। बुधवार को कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के बीच भूस्खलन की घटनाएं सामने आईं। इससे 51 सड़कें बंद हो गईं।