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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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देहरादून: रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध है। सरकारी दफ्तरों में रिश्वत लेने वाले कर्मचारी जितने कसूरवार हैं, उतने ही कसूरवार वो लोग भी हैं, जो अपने गलत काम कराने के लिए रिश्वत की पेशकश करते हैं।
अब देहरादून में ही देख लें, यहां एक शख्स तहसीलदार को रिश्वत देने की कोशिश कर रहा था। उसने फाइल में 17500 रुपये रखकर फाइल तहसीलदार को थमा दी, लेकिन तहसीलदार ने उसे ऐसा सबक सिखाया कि अब आरोपी जेल में सजा काटेगा। तहसीलदार और अन्य कर्मचारियों ने रिश्वत देने वाले शख्स को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस बुलाकर उसे पुलिस के सौंप दिया। आगे पढ़िए
दरअसल देहरादून में तहसील दिवस के दौरान जनसुनवाई चल रही थी। तभी गुल मोहम्मद नाम के एक शख्स ने तहसीलदार को फाइल पर साइन करने के एवज में 17500 रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की। वो फाइल में रुपये रखकर तहसीलदार सदर मोहम्मद शादाब को फाइल थमाने की कोशिश कर रहा था। उस वक्त अन्य तहसीलकर्मी भी मौके पर मौजूद थे। इन सभी ने आरोपी गुल मोहम्मद को धर दबोचा। बताया जा रहा है कि आरोपी गुल मोहम्मद कांग्रेस कार्यकर्ता है और कांग्रेस के बड़े नेताओं का करीबी है। सोशल मीडिया पर उसने कांग्रेस नेताओं संग अपनी कई तस्वीरें लगाई हुई हैं। इनमें वो पूर्व सीएम हरीश रावत के साथ भी नजर आ रहा है। बहरहाल तहसीलदार सदर मोहम्मद शादाब ने आरोपी गुल मोहम्मद के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज कराया है। बुधवार को आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा।