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ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बरसात में लोगों का जीना बेहाल कर दिया है। आलम यह हो गया है कि लोग अब अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हैं। लोग रात को सो नहीं पा रहे हैं।
उनको डर है कि कहीं उनका घर भी प्रकृति के कहर की चपेट में ना आ जाए। चमोली में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। हालात बेकाबू हो रहे हैं और चमोली में मूसलाधार बारिश ने बीती रात नंदा नगर प्रखंड के अंतर्गत सेरा गांव में जमकर कहर बरपाया और ग्रामीणों ने पूरी रात जग कर बिताई। बता दे कि गांव से मोक्ष नदी गुजरती है। और सड़क के मलबे की वजह से नदी का रास्ता बदल गया है जिस वजह से गांव के सभी खेत खलिहान और घर रिस्क पर आ गए हैं। नदी के तेज बहाव के कारण जहां एक और कृषि भूमि को भारी नुकसान हुआ है तो वहीं आवासीय मकानों पर भी खतरा छा गया है। ग्रामीणों को डर है कि कभी भी गांव में जबरदस्त बाढ़ आ सकती है और उनके मकान प्रकृति के कहर में नष्ट हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीण बीते रविवार की रात से नहीं सो रहे हैं। आगे पढ़िए
बता दें कि सोमवार की देर रात करीब 11 बजे के बीच भारी बारिश के कारण मोक्ष नदी में आई बाढ़ की वजह से गांव के ही एक निवासी महिपाल सिंह के घराट का आधा हिस्सा नदी की भेंट चढ़ गया है जिसके बाद गांव में कोहराम मच गया। गांव वालों का कहना है कि नदी के प्रचंड वेग की वजह से आवासीय मकानों को भी भारी खतरा उत्पन्न हो रहा है जिस वजह से ग्रामीणों ने पूरी रात जाकर अपनी रात गुजारी। कुल मिला कर उत्तराखंड में मौसम की वजह से हालात बेकाबू हो रहे हैं।
कैसा रहेगा मौसम का हाल?
देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में आज सुबह से ही भारी बारिश हो रही है। आईएमडी ने आज, 18 जुलाई को कुमाऊं क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस साल मॉनसून का सबसे ज्यादा असर देहरादून, गढ़वाल और कुमाऊं के निचले इलाकों में पड़ रहा है। अगले पांच दिन राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश की संभावना है।