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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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देहरादून: तकनीक ने हमारी जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन इसके कई साइड इफेक्ट्स भी हैं। यकीन न हो तो साइबर क्राइम के आंकड़े उठाकर देख लें।
हर दिन हजारों लोग साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। यहां भी साइबर क्राइम और सेक्टॉर्शन के केस लगातार सामने आ रहे हैं। इस बार मामला देहरादून शहर का है, जहां साइबर ठगों ने शहर के एक व्यक्ति को सेक्सटॉर्शन में फंसाकर उससे 7.54 लाख रुपये लूट लिए। ठगों का टॉर्चर बढ़ने लगा तो पीड़ित पुलिस के पास पहुंचा और आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने बताया कि 26 जुलाई की शाम लगभग 6 बजे उसे एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आया। उसने कॉल उठाया तो दूसरी तरफ एक महिला अपने कपड़े उतारकर अश्लील हरकतें करने लगी। पीड़ित ने तुरंत फोन काट दिया, लेकिन तब तक वो फंस चुका था। इसके बाद पीड़ित के नंबर पर कई बार कॉल आई और कॉल करने वाले ने उन्हें धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
आरोपियों ने पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में 7.54 लाख रुपये जमा करा लिए, लेकिन फिर भी उसे परेशान करना नहीं छोड़ा। कॉलर खुद को कभी साइबर क्राइम ब्रांच का अफसर बताता तो कभी कुछ और। पीड़ित को धमकी देकर कहा गया कि उसका वीडियो वायरल कर दिया जाएगा। अब पीड़ित ने इस मामले में पटेलनगर थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उत्तराखंड में ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर हनी ट्रैप गैंग की महिलाएं सक्रिय हैं। ऐसी युवतियां और महिलाएं पहले सोशल मीडिया पर दोस्ती करती हैं। फिर मीठी बातों में उलझाकर वीडियो कॉल पर निर्वस्त्र हो जाती हैं और अपने शिकार को भी कपड़े उतारने के लिए कहती हैं। इसलिए सोशल मीडिया का (dehradun sextortion) इस्तेमाल करते वक्त सावधान रहें। अनजान नंबर से आने वाले वीडियो कॉल न उठाएं। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें।