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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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बागेश्वर: सिने जगत के मशहूर सितारों को उत्तराखंड की वादियां खूब भा रही हैं। मन जब आध्यात्मिक शांति की राह चलना चाहता है तो राहें लोगों को खुद ब खुद उत्तराखंड ले आती हैं।
प्रसिद्ध सिनेस्टार रजनीकांत भी सोमवार को आध्यात्मिक शांति की तलाश में अल्मोड़ा के योगदा आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा के अनुयायियों व संन्यासियों संग आध्यात्म पर चर्चा की। रजनीकांत बाल कृष्णालय के विद्यार्थियों से भी मिले। रजनीकांत दक्षिण की फिल्मों के साथ-साथ बॉलीवुड में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ चुके हैं। थलाइवा नाम से प्रसिद्ध रजनीकांत ने सोमवार को योगदा आश्रम में संन्यासियों से भेंट की। आश्रम में स्वामी नित्यानंद गिरि, संचालक वासुदेवानंद तथा स्वामी केदारानंद ने उनका स्वागत किया। रजनीकांत ने उनसे क्रियायोग और उससे जुड़े अनुभव आदि पर बात की। रजनीकांत महावतार बाबा के भक्त हैं। मंगवार को वो पांडवखोली की दिव्य गुफा में ध्यानमग्न रहे। उनका ये दौरा काफी खास है। आगे पढ़िए
उनका मुख्य ध्येय गुफा में ध्यान लगाकर अमर माने गए महावतार बाबा की अनुभूति करना है। पहाड़ों में इन दिनों मौसम खराब है, इसके बावजूद रजनीकांत उत्तराखंड के पावन तीर्थों का भ्रमण कर रहे हैं। द्वाराहाट से उनका विशेष रिश्ता है। रजनीकांत योगदा सत्संग सोसायटी के स्थायी सदस्य हैं। इसी कारण उनका 2001 से द्वाराहाट आना रहा है। रजनीकांत के आश्रम प्रवास के बारे में सबसे पहले साल 2010 में पता चला था। उसके बाद 18 मार्च 2018 और 17 अक्तूबर 2019 को वो दो-दो दिन के प्रवास पर रहे। सोमवार को योगदा आश्रम (Uttarakhand Yogada Ashram) में संन्यासियों से मुलाकात के बाद वो कौला गांव स्थित अपने मित्र बीएस हरि के भवन ‘गुरु शरण’ में विश्राम करने चले गए। हाल में उनकी फिल्म जेलर रिलीज हुई है। फिल्म की सफलता के बाद उन्होंने रविवार को भगवान बदरीविशाल की पूजा-अर्चना की, और महाआरती में हिस्सा लिया। उनके उत्तराखंड प्रवास की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।