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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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नैनीताल: हर मां बाप का एक सपना होता है कि उनके बच्चे पढ़ लिख कर बड़ा मुकाम प्राप्त करें और वे यह भी कोशिश करते हैं कि वे अपने बच्चों के सभी सपनों को सच करें मगर उत्तराखंड में एक मां ने अपने बेटे की स्मैक की लत को पूरा करने के सपने को सच कर दिखाया है।
बेटे ने ख्वाब संजोया कि उसे चरसी बनना है और उस ख्वाब को पूरा करने के लिए एक मां स्मैक तस्करी के धंधे में उतर गई। जी हां, ऐसा न तो कभी सुना न देखा, मगर ऐसा हुआ है। पुलिस ने आरोपी महिला को 7.5 ग्राम स्मैक के साथ मछली बाजार के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, देवला तल्ला गौलापार काठगोदाम निवासी 58 वर्षीय शकीला लंबे समय से स्मैक की तस्करी कर रही है। बता देगी उसके बेटे को स्मैक की लत है। बेटा स्मैक का लती है और उसकी मां को यह पता है कि उसके बेटे को स्मैक की आदत है जिसके बाद उसने अपने बेटे के इस निराले शौक और इसकी लत को पूरा करने के लिए स्मैक की तस्करी चालू की। पहले अपने बेटे की लत को पूरा करने के लिए स्मैक लाने लगी। बाद में उसने इसे बेचना भी शुरू कर दिया। पुलिस ने बताया कि खरीदकर लायी गई स्मैक बेचने के साथ बेटे की लत भी पूरी करने लगी। आगे पढ़िए
चलिए आपको बताते हैं कि आखिर शकीला पुलिस के हत्या कैसे चढ़ी। दरअसल 18 अगस्त को शकीला स्मैक बेचने के लिए घर से निकली। वह मछली बाजार के पास पहुंची थी कि तभी गश्त पर निकली पुलिस की नजर उस पर पड़ गई। पुलिस को देख शकीला ने पास रखे पर्स को कूड़े के ढेर में फेंक दिया। पुलिस को उसकी गतिविधि संदिग्ध लगी जिसके बाद पुलिस ने उसकी चेकिंग की ने। पुलिस ने उसे पकड़ लिया और कूड़े के ढेर से फेंका गया पर्स बरामद कर लिया। पर्स में पुलिस को 7.5 ग्राम स्मैक मिली। महिला ने बताया कि वह स्मैक रेलवे पटरी के पास से एक लड़के से खरीदकर लायी थी। पुलिस ने उसके पास से स्मैक बिक्री के चार हजार रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस इस मामले में और भी अधिक तह तक जाने का प्रयास कर रही है।