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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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रुड़की: मिशन चंद्रयान-3 को सफल बनाकर भारत ने इतिहास रच दिया। इस मिशन को सफल बनाने में जिन वैज्ञानिकों का खास योगदान रहा है
उनमें रुड़की के वैज्ञानिक रवीश कुमार भी शामिल हैं। उनका परिवार मालवीय चौक क्षेत्र मे रहता है। उनके चंद्रयान-3 मिशन का हिस्सा बनने पर शहरवासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। रवीश कुमार की माता मिथलेश पंवार ने बताया कि उनका बेटा विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, त्रिवेंद्रम, केरल में वैज्ञानिक है। अपने बेटे के चंद्रयान-3 मिशन से जुड़े होने पर उन्हें गर्व की अनुभूति हो रही है। रवीश की बहन रश्मि ने बताया कि उनका भाई बचपन से वैज्ञानिक बनने का सपना देखता था, इस सपने को पूरा करने के लिए उसने कड़ी मेहनत की। आगे पढ़िए
बचपन से ही होशियार रहे रवीश ने दसवीं तक की पढ़ाई मुजफ्फरनगर के अमृत इंटर कॉलेज से की। दसवीं में उन्होंने टॉप किया था। रुड़की से इंटर करने के बाद उन्होंने एक निजी कॉलेज से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद गेट क्वालीफाई कर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की में एमटेक में दाखिला लिया। इसी दौरान उन्होंने इसरो ज्वाइन किया और जॉब के साथ-साथ आईआईएससी बंगलौर से डिजाइन में एमटेक किया। मिशन चंद्रयान-3 की सफलता के बाद उनके घर पर बधाई देने के लिए पड़ोसियों का तांता लगा है। वैज्ञानिक रवीश कुमार के पिता नरेश पाल सिंह और माता मिथलेश पंवार खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।