Advertisement
हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
Example Ads Media
हल्द्वानी: उत्तराखंड में लगातार जारी बारिश के बीच सड़कों के बंद होने का सिलसिला जारी है।
अल्मोड़ा में भी अल्मोड़ा-नैनीताल नेशनल हाईवे क्वारब पुल के पास पहाड़ी दरकने से बंद हो गया है। घटना में पुल को काफी नुकसान पहुंचा है। रोड बंद होने की वजह से नैनीताल से अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जाने वाले वाहनों का रूट बदला गया है। यहां खैरना से रूट डाइवर्ट किया गया है। नैनीताल और हल्द्वानी से अल्मोड़ा की ओर आने वाले वाहन रानीखेत होते हुए अल्मोड़ा आ सकते हैं। इसी तरह पिथौरागढ़ जाने वाले यात्री वाहनों को भीमताल-खुटानी मार्ग से गंतव्य की ओर भेजा जा रहा है। बता दें कि बीते दिनों अल्मोड़ा-नैनीताल नेशनल हाईवे पर क्वारब पुल के पास पहाड़ दरकने से भारी मलबा आ गया। आगे पढ़िए
जिस वजह से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई। हाईवे के बंद होने के कारण दोनों तरफ जाम की स्थिति बनी रही। क्वारब पुल जहां भारी मात्रा में मलबा आने से बंद है, तो वहीं बगल में बन रहे निर्माणाधीन पुल पर भी खतरा मंडरा रहा है। पहाड़ी दरकने के कारण आए मलबे के कारण इस मार्ग पर भी आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। यहां हालात खतरनाक बने हुए हैं। करीब पचास मीटर की ऊंचाई से पहाड़ी खिसकी है। पहाड़ी पर अब भी दरारें बनी हुई हैं, जिससे मलबा गिर रहा है। पुराना पुल डेढ़ इंच और नया पुल मलबे के कारण करीब ढाई फीट पीछे खिसक गया है। अल्मोड़ा के डीएम विनीत तोमर ने कहा कि मलबे को हटाने की कोशिशें जारी हैं। इस मार्ग पर यातायात शुरू करने से पहले सिक्योरिटी टीम मौके का निरीक्षण करेगी।