उत्तराखंड में घी खरीदते वक्त सावधान, यहां गोवंश की चर्बी से बना घी बेच रहे थे यासीन और आलम

ऊधमसिंहनगर में समुदाय विशेष के लोग सिर्फ नकली घी ही नहीं बना रहे थे, बल्कि गोवंश की चर्बी से घी तैयार कर रहे थे।
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Udham Singh Nagar Cow Fat: Sale of ghee made from cow fat in Udham Singh Nagar
Image: Sale of ghee made from cow fat in Udham Singh Nagar

उधमसिंह नगर: गणेश चतुर्थी के साथ ही त्योहारी सीजन शुरू हो गया है। त्योहार हैं तो घर में पूजा से लेकर पकवान तक घी की जरूरत जरूर पड़ती है, लेकिन अगली बार जब आप घी खरीदने जाएं तो सावधान रहें।

Sale of ghee made from cow fat in Udham Singh Nagar

बात ये है कि ऊधमसिंहनगर में समुदाय विशेष के लोग सिर्फ नकली घी नहीं बना रहे थे, बल्कि गोवंश की चर्बी से घी तैयार कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से 205 कनस्तर नकली देशी घी बरामद किया। इस मामले में इकबाल, नईम, यासीन और आलम नाम के युवकों की गिरफ्तारी हुई है। बरामद घी को हिंदू त्योहारों के दौरान खपाया जाना था। देखिए, ये लोग कितनी गंदी हरकत कर रहे थे। घटना उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर पुलभट्टे के पास की है। जहां पुलिस ने एक जीप से गोवंश की चर्बी से बना देशी घी बरामद किया है। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि एक सूचना पर पुलभट्टा एसओ कमलेश भट्ट के नेतृत्व में गई टीम ने ग्राम सिरौलीकलां के पास एक पिकअप वाहन से 200 और गोदाम से पांच कनस्तर गोवंश चर्बी से बना घी बरामद किया है।

कनस्तरों में बड़ी कंपनी की चिट लगी थी। एक कनस्तर में करीब 17 किलो घी था। टीम ने एक बड़ा इलेक्ट्रानिक तराजू भी बरामद किया है। मामले में किच्छा निवासी इकबाल साबरी, नईम कुरैशी और मुरादाबाद निवासी यासीन मलिक और मो. आलम को गिरफ्तार किया गया है। चारों के खिलाफ उत्तराखंड गोवंश संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों ने बताया कि वो नकली घी को बाजार में 1000 रुपये प्रति कनस्तर की दर से बेचते थे। नकली घी की खेप स्थानीय दुकानदारों तक पहुंचाई जानी थी। पुलिस ने बताया कि इस मामले में कई व्यापारियों से भी पूछताछ की जा रही है। घी के सैंपल जांच के लिए एफएसएल भेजे जाएंगे। बरामद माल की कीमत करीब दो लाख रुपये आंकी गई है।