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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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बागेश्वर: पहाड़ में स्वास्थ्य की लचर व्यवस्था किसी से छिपी नहीं है। बागेश्वर के जिला अस्पताल में बहुत संख्या में चिकित्सक नहीं हैं, जिस वजह से आपरेशन नहीं हो रहे हैं।
खबर है कि बीते गुरुवार की रात जिला अस्पताल से एक प्रसूता को अल्मोड़ा रेफर किया गया। 108 को फोन करने के बाद बमुश्किल एंबुलेंस मिली। लेकिन हालत देखिए.. अल्मोड़ा अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस कसार देवी के आसपास खराब हो गई। एंबुलेंस का नंबर यूके 07 जीए, 2328 बताया जा रहा है। इसके बाद चालक भी वाहन का बोनट खोलकर बैठ गया। आगे पढ़िए
रात और घना जंगल होने की वजह से प्रसूता और उसके स्वजन परेशान हो गए। इसके बाद उन्होंने अल्मोड़ा 108 सेवा से संपर्क किया। एंबुलेंस दो घंटे बाद आई। प्रसूता का दर्द बढ़ने लगा था। जंगल में सिर्फ फोन ही उनका सहारा था। उन्होंने निजी एंबुलेंस के माध्यम से प्रसूता को अल्मोड़ा पहुंचाया। इस खबर पर जिलाधिकारी अनुराधा पाल ने कहा कि मामला संवेदनशील है और इसका संज्ञान लिया गया है। इस तरह की समस्या क्यों आ रही है, इसकी जांच कराई जाएगी। गर्भवती महिला के स्वजन से बात हुई है। वह कसार देवी से निजी एम्बुलेंस लाकर महिला को अल्मोड़ा ले गए हैं। इस तरह की घटना फिर ना हो इसका ध्यान रखा जाएगा।