पिछले दिनों देहरादून में नकली दवाएं बनाने वाले दो आरोपी पकड़े गए थे। आरोपियों ने दो साल में 7 करोड़ रुपये की नकली दवाएं अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
Image: Dehradun police seized fake medicines worth Rs 20 lakh in Delhi
देहरादून: पिछले दिनों देहरादून में नकली दवाएं बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ हुआ था।
Dehradun police seized fake medicines in Delhi
इस मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। जांच में पता चला कि आरोपी अब तक करोड़ों की नकली दवा बेच चुके हैं। तब से पुलिस नकली दवाओं को जब्त करने के प्रयास में जुटी है। इसी कड़ी में उत्तराखंड पुलिस ने दिल्ली के तीन मेडिकल स्टोरों पर दबिश देकर करीब 20 लाख रुपये की डेढ़ लाख से ज्यादा नकली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए। दिल्ली के इन मेडिकल स्टोर को एक करोड़ रुपये से भी ज्यादा की नकली दवाएं सप्लाई की गई थीं। यहां से इन दवाओं को उड़ीसा, बिहार, लखनऊ, बनारस, सिलिगुड़ी आदि क्षेत्रों में भी भेजा गया। पुलिस अब अन्य राज्यों में भी छापेमारी की तैयारी कर रही है। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 अक्टूबर को रायपुर थाना पुलिस और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने नकली दवा बनाकर बेचने वाले रुड़की निवासी सचिन शर्मा और मुजफ्फरनगर (उप्र) निवासी विकास को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने नकली दवा बनाने वाली एक फैक्ट्री को भी सील कराया था। जांच में पता चला कि आरोपियों ने दो साल में 7 करोड़ रुपये की नकली दवाएं अलग-अलग राज्यों में सप्लाई की हैं। दिल्ली की बालाजी फार्मा को 97 लाख, आरजे फार्मा को 28 लाख और भारत मेडिकोज को 60 लाख रुपये की दवाएं भेजी गई थीं। आरोपियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए उत्तराखंड पुलिस संबंधित राज्यों में पहुंचकर नकली दवाएं जब्त कर रही है। दिल्ली की तीन फर्म से भी नकली दवाईयां बरामद की गईं। इन फर्म संचालकों को नोटिस देकर बयान दर्ज कराने के लिए देहरादून बुलाया गया है। जांच में पता चला है कि 40 लाख रुपये की दवाएं लखनऊ, दिल्ली, बनारस, सिलिगुड़ी व बिहार भेजी गईं। फिलहाल पुलिस फर्म संचालकों से पूछताछ कर रही है।