जिस तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर मशहूर है, उसी तरह भविष्य में उत्तराखंड को गंगा कॉरिडोर के लिए जाना जाएगा।
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कोमल नेगी
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Image: Ganga corridor will be built in Haridwar Rishikesh of Uttarakhand
ऋषिकेश: हरिद्वार और ऋषिकेश प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के आधार बनेंगे। इन्हें गंगा कॉरिडोर परियोजना से जोड़ा जाएगा। सरकार और प्रशासन युद्धस्तर पर कार्य करने में जुटा है।
Ganga corridor will be built in Haridwar Rishikesh
जिस तरह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और उज्जैन का महाकाल कॉरिडोर मशहूर है, उसी तरह भविष्य में उत्तराखंड को गंगा कॉरिडोर के लिए जाना जाएगा। प्रस्तावित परियोजना का काम अगले अर्द्धकुंभ से पहले पूरा कर लिया जाएगा। उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण(उडा) ने इसके लिए मास्टर प्लान तैयार करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। परियोजना के माध्यम से हरिद्वार स्थित हर की पैड़ी, भारत माता मंदिर, चंडी देवी, मनसा देवी, कनखल, शांतिकुंज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ ऋषिकेश में त्रिवेणी घाट, स्वर्गाश्रम, परमार्थ निकेतन, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, लक्ष्मण मंदिर, भरत मंदिर, रामझूला जैसे क्षेत्रों का रि-डेवलपमेंट प्लान बनाया जा रहा है। आगे पढ़िए
परियोजना के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश पुनर्विकास कम्पनी लिमिटेड गठित की गई है। प्रदेश में साल 2017 में विधानसभा चुनाव होने हैं, आवास विभाग इससे पहले पौराणिक महत्व के शहरों को मॉडल के रूप में विकसित करने जा रहा है। इसी साल अर्द्धकुंभ भी प्रस्तावित है, उससे पहले परियोजना पर काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मास्टर प्लान बनने के बाद परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ेगा। यह जानकारी सचिव आवास, एसएन पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन युद्धस्तर पर कार्य में जुटे हुए हैं, ताकि गंगा दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो।