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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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यहां यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिलक्यारा से डंडालगांव तक निर्माणाधीन सुरंग के अंदर भूस्खलन हुआ है। जिस वक्त हादसा हुआ, उस वक्त कई मजदूर सुरंग में काम कर रहे थे। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि सुरंग के अंदर कुल कितने श्रमिक फंसे हैं, हालांकि इनकी संख्या 36 बताई जा रही है। कई रिपोर्ट्स में फंसे हुए मजदूरों की संख्या 40 भी बताई गई। फिलहाल किसी तरह की जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन हर कोई चिंतित जरूर है। सुरंग का निर्माण एनएचआईडीसीएल के निर्देशन में नवयुग कंपनी कर रही है। हादसा रविवार सुबह करीब 5 बजे हुआ। सिलक्यारा की ओर सुरंग के द्वार से 200 मीटर की दूरी पर यह भूस्खलन हुआ है। आगे पढ़िए
जबकि जो मजदूर काम कर रहे थे वो वाहन द्वार के 2800 मीटर अंदर हैं। जिला आपदा प्रबंधन उत्तरकाशी ने इसकी पुष्टि की है। कंपनी की ओर से मलबे को हटाने का कार्य किया जा रहा है। मौके पर पांच 108 एंबुलेंस तैनात की गई हैं। एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद हैं। पुलिस प्रशासन रेस्क्यू में जुटा है। आलवेदर रोड प्रोजेक्ट के तहत तैयार की जा रही सुरंग की लंबाई 4.5 किमी है। इसमें से चार किमी तक निर्माण पूरा कर लिया गया है। यहां दिन रात काम चल रहा था। सुरंग निर्माण में करीब एक हजार मजदूर लगे थे, जो अलग-अलग शिफ्ट में काम कर रहे थे। 4.5 किमी लंबी सुरंग (Uttarkashi Silkyara Tunnel Landslide) का निर्माण 500मीं. शेष रह गया था। जिसे फरवरी तक पूरा करने लक्ष्य रखा गया था।