Advertisement
No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
Example Ads Media
उत्तरकाशी: सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को बचाने की जद्दोजहद सातवें दिन भी जारी है।
लगातार जारी बचाव अभियान के बीच टनल निर्माण कंपनी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। दरअसल निर्माण कंपनी ने सुरंग में फंसे मजदूरों की जो लिस्ट प्रशासन को मुहैया कराई थी, उसमें 40 मजदूरों के सुरंग में होने की बात कही गई थी, जबकि यहां 41 लोग फंसे हैं। 41 वें मजदूर के रूप में बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी दीपक कुमार पुत्र शत्रुघ्न पटेल की पहचान हुई है। दीपक को मिलाकर टनल में फंसे बिहार के मजदूरों की संख्या अब पांच हो गई है। जैसे-जैसे समय गुजर रहा है, टनल में फंसे लोगों और उनके परिजनों का सब्र जवाब देने लगा है। आगे पढ़िए
शुक्रवार सुबह साढ़े नौ बजे ऑगर मशीन में भी तकनीकी खराबी आ गई। मशीन को ठीक करने के साथ एहतियात के तौर पर इंदौर से एक और मशीन मंगाई जा रही है। इसके अलावा प्लान सी के तहत टनल के ऊपर से ड्रिलिंग कर मजदूरों तक पहुंचने का भी प्रयास किया जा सकता है। बचाव कार्यों के दौरान प्रभावित क्षेत्र में मलबा-बोल्डर आने से भी मुश्किलें आ रही हैं। इतना ही नहीं हादसे के छह दिन बाद निर्माण कंपनी ने बताया कि टनल में 40 नहीं बल्कि 41 मजदूर फंसे हैं। बता दें कि यमुनोत्री हाईवे पर चारधाम सड़क परियोजना के तहत बन रही सुरंग (Silkyara Tunnel Collapse) 12 नवंबर को अचानक धंस गई थी। इससे एक ओर सुरंग बंद है, जबकि दूसरी ओर मलबा आने से कुल 41 मजदूर बीच में फंस गए। उन्हें निकालने के लिए प्रयास लगातार जारी हैं।