बागेश्वर में दो बच्चों में बीमारी के लक्षण पाए गए, जिसके बाद दोनों के सैंपल जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजे गए हैं।
-
कोमल नेगी
-
Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
Image: two children infected with Influenza flu Bageshwar Uttarakhand
बागेश्वर: चीन में बच्चों में फैले निमोनिया और इंफ्लूएंजा ने हर देश की चिंता बढ़ाई हुई है।
two children infected with Influenza flu Bageshwar
उत्तराखंड सरकार ने भी विशेष सतर्कता बरतते हुए गाइडलाइन जारी की है। अस्पतालों से इलाज के सभी बंदोबस्त करने को कहा गया है। इस बीच बागेश्वर में दो बच्चों में इंफ्लूएंजा जैसे लक्षण मिले हैं। दोनों बच्चों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। बुधवार को जिला अस्पताल में दो बच्चों को लाया गया था। उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी। चीन में इन दिनों माइक्रो प्लाज्मा, निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू फैला है, जिसे लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। बागेश्वर में दो बच्चों में बीमारी के लक्षण पाए गए, जिसके बाद दोनों के सैंपल जांच के लिए सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी भेजे गए हैं। एसीएमओ डॉ. देवेश चौहान ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि बताया कि जांच रिपोर्ट चार-पांच दिन में मिल जाएगी। इन्फ्लूएंजा से निपटने के लिए भी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
बागेश्वर के जिला अस्पताल के सभी 68 बेड ऑक्सीजन पाइप लाइन से जुड़े हैं। इस वायरस जनित बीमारी में पांचवीं स्टेज में ऑक्सीजन की जरूरत होती है। जिला अस्पताल में 650 एलपीएम के दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट स्थापित हैं। कांडा और कपकोट सीएचसी में भी ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगे हुए हैं। सीएमओ डॉ. आरसी पंत ने बताया कि आइसोलेशन बेड, वार्ड, ऑक्सीजन बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर पर्याप्त है। अगर जरूरत पड़ी तो अलग से आईसीयू वार्ड बनाया जाएगा। उत्तराखंड में भी स्वास्थ्य विभाग ने निमोनिया और इन्फ्लूएंजा फ्लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने सभी डीएम और सीएमओ को जिला स्तर पर निगरानी रखने के दिशा-निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में निमोनिया और इन्फ्लूएंजा के लक्षणों पर नजर रखी जाए। साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर, ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।