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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: सैन्य प्रदेश उत्तराखंड के लिए देश के बॉर्डर से लगातार दुखद खबरें आ रही हैं।
हाल ही में प्रदेश ने जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले में अपने दो जांबाज सपूतों को खो दिया। अब पिथौरागढ़ के एक और जवान के निधन का सामाचार मिला है। जम्मू में तैनात सेना के जवान पंकज कन्याल का एक दुर्घटना में निधन हो गया। वो पिथौरागढ़ के रहने वाले थे। हादसा करीब चार दिन पहले हुआ। सेना ने जवान के पिता को जम्मू बुलाया था। जवान का पार्थिव शरीर आज शाम तक पिथौरागढ़ पहुंचने की उम्मीद है। भारतीय सेना की 432 इंडिपेंडेंट इंजीनियर स्कॉर्डन में सेवारत सैनिक पंकज कन्याल जम्मू में ड्यूटी के दौरान हादसे का शिकार हो गए। पंकज की दो साल पहले ही शादी हुई थी। पंकज अपने पीछे पत्नी और 6 माह के बच्चे को बिलखता छोड़ गए हैं। पंकज कन्याल 24 साल के थे।
इन दिनों उनकी ड्यूटी जम्मू में थी। उनके पिता श्याम सिंह भी सेना में रह चुके हैं। घटना को चार दिन बीत जाने के बाद भी पार्थिव शरीर घर नहीं पहुंचने से घर पर बेहद गमगीन माहौल है। जवान पंकज की मां बेसुध हैं। बताया जा रहा है कि शहीद के पिता पार्थिव शरीर को साथ लेकर आ रहे हैं। सेना की ओर से दुर्घटना को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं दी गई है। जवान के ताऊजी रिटायर्ड कैप्टन जसवंत सिंह कन्याल ने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि देश सेवा के लिए जान देने वाले सैनिकों के पार्थिव शरीर को हवाई मार्ग से उनके घर पहुंचाया जाना चाहिए। क्योंकि जिस तरह का दर्द हमारा परिवार झेल रहा है, भगवान न करे किसी अन्य परिवार को भी ऐसा दुख देखना पड़े। हम चार दिन से अपने बच्चे Pankaj Kanyal के अंतिम दर्शन के लिए तड़प रहे हैं, जो कि सबसे बड़ी पीड़ा है।