Advertisement
ऋषियों का मार्ग: केदार हिमालय के इन ट्रेक्स पर शोर नहीं, सिर्फ मंत्र सुनाई देते हैं
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
कांस्टेबल नरेश जोशी की जिंदगी में जब वो मौका आया तो उन्होंने अपनी जान पर खेलकर 25 जिंदगियां बचा लीं। आरक्षी चालक नरेश जोशी कबाड़ के गोदाम में रखे जहरीली गैस के सिलेंडर को ई-रिक्शा में रख आबादी से दूर ले गए, जिससे कई लोगों की जान बच गई। अब कांस्टेबल नरेश जोशी को 'जीवन रक्षा पदक' से नवाजा जाएगा। घटना के वक्त नरेश जोशी रुद्रपुर में तैनात थे। यहां 30 अगस्त 2022 की सुबह पांच बजे ट्रांजिट कैंप के आजाद नगर में कबाड़ के गोदाम में सिलेंडर से जहरीली गैस अमोनिया का रिसाव हो गया था।
गैस रिसाव से कई लोगों के बेहोश होने की सूचना पर प्रशासन व पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। तब तत्कालीन एएसपी, एसडीएम, सीओ, सीएफओ समेत 38 से अधिक लोगों को आंखों में जलन तथा सांस लेने में काफी परेशानी होने लगी। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। उस वक्त नरेश जोशी अपनी जान की परवाह न करते हुए कबाड़ के गोदाम में रखे जहरीली गैस के सिलेंडर को ई-रिक्शा में रख आबादी से दूर ले गए। वीरता के इस प्रदर्शन पर उन्हें जीवन रक्षा पदक श्रृंखला पुरस्कार-2023 के तहत सम्मानित किया जाएगा। नरेश जोशी की इस उपलब्धि से पुलिस महकमा गदगद है। कार्यवाहक डीजीपी अभिनव कुमार ने इस उपलब्धि पर नरेश जोशी की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।