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देहरादून: आज का दिन उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश के लिए बेहद अहम है। प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने के लिए गठित विशेषज्ञ समिति आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अपनी ड्राफ्ट रिपोर्ट सौंपेगी।
इसी के साथ उत्तराखंड देश में सबसे पहले यूसीसी लागू करने वाला राज्य बनने के लिए एक और अहम कदम बढ़ा देगा। विशेषज्ञ समिति की अध्यक्ष जस्टिस (सेनि) रंजना प्रकाश देसाई और उनकी टीम मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद क्या होगा, ये भी बताते हैं। तीन फरवरी को प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार यूसीसी की ड्राफ्ट रिपोर्ट पर चर्चा करेगी और विधेयक को मंजूरी देगी। इसके बाद पांच फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र के दौरान यूसीसी विधेयक को सदन पटल पर रखा जाएगा।
छह फरवरी को इसे सदन में लाए जाने की संभावना है। सदन से पारित होने के बाद इसे राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह अधिनियम बन जाएगा। हालांकि सियासी गलियारों में इसे राष्ट्रपति को भेजे जाने को लेकर भी चर्चाएं गरम हैं। समान नागरिक संहिता लागू कराना धामी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने यूसीसी लागू करने के लिए जस्टिस देसाई की अध्यक्षता में समिति बनाई थी। यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री धामी ने समिति का तीन बार कार्यकाल बढ़ाया। समिति ने केंद्रीय विधि आयोग के साथ भी यूसीसी पर चर्चा की। इस मैराथन कवायद के बाद समिति ने अपना ड्राफ्ट तैयार किया। और आज वो दिन आ गया जब समिति करीब ढाई लाख सुझावों और 30 बैठकों में रायशुमारी के बाद तैयार हुआ ड्राफ्ट सीएम धामी को सौंपेगी।