Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
उधमसिंह नगर: काशीपुर में सीआरसी में तैनात हेड मास्टर और टीचर रिश्वत लेते पकड़े गए। दोनों स्कूल रजिस्टरों में पकड़ी गई कमियों को उच्च स्तर पर न भेजने के एवज में रिश्वत मांग रहे थे।
विजिलेंस की टीम ने दोनों को 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम घंटों पूछताछ के बाद दोनों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई। इस दौरान मौके पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं की भीड़ लग गई। ये सभी शिक्षकों की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे, कहने लगे कि प्रधानाध्यापक ऐसा कर ही नहीं सकते। जब से इनकी स्कूल में तैनाती हुई है स्कूल का कायाकल्प हो गया है, विद्यालय में अनुशासन बनाए रखने में उनका अहम योगदान है। यहां आपको पूरा मामला भी बताते हैं। एक निजी स्कूल के संचालक ने सतर्कता अधिष्ठान सेक्टर हल्द्वानी को शिकायत दी थी। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय बांसखेड़ा कला के प्रधानाध्यापक दिनेश शर्मा बांसखेड़ा सीआरसी के प्रभारी भी हैं।
वह स्कूल के सहायक अध्यापक अंकुर प्रताप के साथ निजी स्कूलों में चेकिंग के लिए जाते हैं। आरोप है कि एक निजी स्कूल में निरीक्षण के दौरान रजिस्टर जांचने में कुछ खामियां मिलीं। इस पर दोनों ने कमियों को उच्च स्तर पर नहीं भेजने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने ट्रैप टीम का गठन किया। टीम ने कार्रवाई करते हुए दिनेश शर्मा और अंकुर प्रताप को उनके स्कूल परिसर में ही निजी स्कूल के प्रतिनिधि से 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। शिकायत से संबंधित कुछ दस्तावेज भी कब्जे में लिए गए हैं। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम तहत केस दर्ज किया गया है।